रिहायशी इलाके में घुसी बाघिन का रेस्क्यू

पन्ना (मध्य प्रदेश) – रिहायशी इलाके में घुसी बाघिन का रेस्क्यू
1.मां से जल्दी अलग होने की वजह से बाघिन नही सीख पाई शिकार करने के गुण।
2.जंगल छोड़ रिहायशी क्षेत्र में डेरा जमा रही बाघिन।
3.जंगल की बाघिन को भा रहे किसानों के खेत।
4.बाघिन के जीवन के खतरे को देख पीटीआर की टीम ने किया घंटो रेस्क्यू।
पन्ना टाइगर रिजर्व जो देश दुनिया में बाघो की बढ़ती हुई संख्या के लिए विख्यात है। यहां लगातार बाघो की संख्या में इजाफा हो रहा है यही कारण है कि यहां बाघो का दीदार करने के लिए दूर दराज से प्रतिदिन सेकड़ो की संख्या में पर्यटक आ रहे है। आलम ये है कि अब लोगो को राह चलते बाघो की अटखेलिया देखने को मिल रही है। बतादें की पन्ना टाइगर रिजर्व के हर बाघ-बाघिन की अपनी ही एक कहानी है लेकिन आज हम जिस बाघिन की बात कर रहे है वह किसी फिल्मी दुनिया से कम नही है और मां से जल्दी अलग हो जाने की वजह से एक बाघी शिकार के गुण नही सीख पाई जिसके चलते अब वह रिहायहसी इलाको में गाय व भैंसों का शिकार पर निर्भर है और यही कारण है कि बाघिन का जंगल से मोह भंग हो गया है और वह बार-बार रिहायहसी क्षेत्र में जा रही है जिसको लेकर गांव के लोग तो दहशत में है कि पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम भी सारे काम छोड़ कर इस बाघिन की निगरानी कर रही है!- अंजना सुचिता तिर्की (फील्ड डायरेक्टर पीटीआर)

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