Latestमंडी विशेषराष्ट्रीयव्यापार
Union Budget 2019: बजट में इस बार क्या रहा खास, जनिये..

वेब डेस्क। मोदी सरकार 2.0 का पहला पूर्ण बजट शुक्रवार को पेश हो गया। देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने लोकसभा में बजट भाषण पढ़ा। कई अहम ऐलान हुए हैं, जिनका मकसद आमजन तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाना, 2020 तक हर परिवार को पक्का मकान देना, हर घर तक पेयजल और रसोई गैस पहुंचाना है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा नौकरियां पैदा करने और व्यापारियों को राहत देने की कोशिश भी की गई है।
पढ़िए बजट की बड़ी बातें –
किराये के मकान के लिए कानून:
- बिजली क्षेत्र शुल्क और ढांचागत सुधारों की घोषणा की जाएगी।
- किराये के मकानों की बेहतरी के लिए सुधारात्मक उपाय किये जाएंगे।
- मॉडल किराया कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा और राज्यों को भेजा जाएगा।
- संयुक्त विकास और रियायत तंत्र का इस्तेमाल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए किया जाएगा और केन्द्र सरकार तथा सीपीएसई द्वारा रखी गई भूमि पर सस्ते मकान बनाए जाएंगे।
प्रत्यक्षकर
- 400 करोड़ रुपए तक के सालाना कारोबार वाली कंपनियों के लिए कर दी दर घटाकर 25 प्रतिशत की गई।
- 2 करोड़ रुपए से 5 करोड़ रुपए तथा 5 करोड़ रुपए और उससे अधिक की करयोग्य आय वाले व्यक्तियों पर अधिभार बढ़ाया गया।
- ‘कर भुगतान’ की श्रेणी में भारत की कारोबार करने की सुगमता वाली रैंकिंग 2017 में 172 से 2019 में 121 हो गई।
- कर दाताओं की वास्तविक कठिनाईयों में कमी लाने के लिए कर कानूनों का सरलीकरण।
- कर रिटर्न दाखिल न करने के लिए कार्रवाई शुरू करने हेतु अधिकतम कर सीमा।
- आयकर अधिनिमय की धारा 50सीए और 56 के दुर्व्यवहार विरोधी प्रावधानों से उचित श्रेणियों के व्यक्तियों को छूट।
पैन और आधार में आपसी अदला-बदली
- जिनके पास पैन नहीं है, वे आधार के जरिए रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
- जहां पैन की आवश्यकता है वहां आधार इस्तेमाल किया जा सकता है।
किफायती आवास
- 45 लाख रुपए तक के मूल्य वाले मकान की खरीद पर 31 मार्च, 2020 तक की अवधि तक के लिए गए ऋण पर चुकाए गए ब्याज के लिए 1.5 लाख रुपए तक की अतिरिक्त कटौती।
- 15 साल की ऋण अवधि पर लगभग 7 लाख रुपए का समग्र लाभ।
ग्रामीण भारत
- उज्जवला योजना और सौभाग्य योजना से प्रत्येक ग्रामीण परिवार के रहन-सहन में सुधार हुआ है और इससे उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है।
- सभी इच्छुक ग्रामीण परिवारों के लिए 2022 तक बिजली और स्वच्छ रसोई की सुविधा।
- प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण का उद्देश्य 2022 तक ‘सबके लिए आवास’ के लक्ष्य तक पहुंचना।
- इसके दूसरे चरण (2019-20 से 2021-22) में, पात्र लाभार्थियों को शौचालयों, बिजली और एलपीजी कनेक्शनों जैसी सुविधाओं के साथ 1.95 करोड़ घर दिए जाएंगे।
नहीं होगी पानी की कमी
- नया जल शक्ति मंत्रालय एक समन्वित और समग्र रूप से हमारे जल संसाधनों और जल आपूर्ति के प्रबंधन की देखरेख करेगा।
- जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों के लिए ‘हर घर जल’ (पाइप द्वारा जल आपूर्ति) के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
- स्थानीय स्तर पर जल की मांग और आपूर्ति पर आधारित प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा।
- इसके लक्ष्य तक पहुंचने के क्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं को एक साथ मिलाया जाएगा।
- जलशक्ति अभियान के लिए 256 जिलों के 1592 खंडों की पहचान की गई है।
- इस उद्देश्य के लिए क्षतिपूर्ति वन्यकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण निधि का उपयोग किया जा सकता है।
युवा
- स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों में प्रमुख परिवर्तन। अनुसंधान और नवाचार पर अधिक ध्यान।
- खेलो इंडिया योजना का सभी आवश्यक वित्तीय सहायता के साथ विस्तार करना।
- खेलों को सभी स्तरों पर लोकप्रिय बनाने के लिए खेलो इंडिया के तहत खिलाडि़यों के विकास हेतु राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड की स्थापना।
जीवन सरल बनाना
- · लगभग 30 लाख कामगार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानदंड योजना में शामिल हो गए हैं। इस योजना के तहत असंगठित और अनौपचारिक क्षेत्रों के मजदूरों को 60 साल की उम्र होने पर पेंशन के रूप में 3000 रुपये प्रति माह देने का प्रावधान है।
- · उज्जवला योजना के तहत लगभग 35 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे गए, जिससे वार्षिक रूप से 18,341 करोड़ रुपये की लागत बचत हुई।
- · एलईडी बल्ब मिशन की पहुंच का उपयोग करते हुए सोलर स्टोव और बैटरी चार्जरों को बढ़ावा देना।
- · रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए व्यापक कार्यक्रम शुरू किए गए।
नारी तू नारायणी
- महिला नेतृत्व पहलों और आंदोलनों के लिए महिला केन्द्रित नीति निर्माण के दृष्टिकोण में बदलाव
- लैंगिक भेदभाव दूर करने के लिए सरकारी और निजी हितधारकों के साथ एक समिति प्रस्तावित की गई है।
- सभी जिलों में महिला एसएचजी हित बढ़ोत्तरी कार्यक्रम का विस्तार करने का प्रस्ताव है।
- जनधन बैंक खाता रखने वाली प्रत्येक सत्यापित महिला एसएचजी सदस्य को 5000 रुपये के ओवरड्राफ्ट की अनुमति होगी।
रेलवे का निजीकरण:
- पटरियों के तेजी से विकास और उन्हें बिछाने, रोलिंग स्टॉक विनिर्माण तथा यात्री माल-भाड़ा सेवा की सुपुर्दगी के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी का प्रस्ताव।
- देश भर में मेट्रो रेल नेटवर्क की 657 किलोमीटर लाइन चालू।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर:
- इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खरीद और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए बढ़े हुए प्रोत्साहन का प्रस्ताव।
- एफएएमई योजना के अंतर्गत केवल अत्याधुनिक बैट्री चालित और पंजीकृत ई-वाहनों को ही प्रोत्साहन।
- इलैक्ट्रिक वाहन खरीदने हेतु लिए गए ऋण पर चुकाए गए ब्याज पर 1.5 लाख रुपए तक की अतिरिक्त आयकर कटौती।
- इलैक्ट्रिक वाहनों के कुछ पुर्जों पर सीमा शुल्क में छूट।
एफडीआई
- भारत को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का और अधिक आकर्षक गंतव्य स्थल बनाने के उपाय
- सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके विमानन, मीडिया (एनीमेशन एवीजीसी) और बीमा क्षेत्र को एफडीआई के लिए और अधिक खोला जा सकता है।
- बीमा मध्यस्थताओं को 100 प्रतिशत एफडीआई।
- एकल बॉन्ड के खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के लिए स्थानीय स्रोत के मापदंडों को आसान बनाना।
- सरकार राष्ट्रीय अवसरंचना निवेश निधि (एनआईआईएफ) का उपयोग करके सभी तीनों श्रेणियों के वैश्विक प्रतिस्पर्धियों (पेंशन, बीमा, सम्प्रभु संपत्ति निधियां) वार्षिक वैश्विक निवेशक सम्मेलन का आयोजन करेगी।
स्टार्ट-अप्स को राहत
- स्टार्ट-अप्स में निवेश के लिए रिहायशी मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ में छूट 2021 तक बढ़ाई गई।
- एंजल टैक्स का मामला सुलझाया गया – आवश्यक घोषणा दाखिल करने वाले और अपनी रिटर्न में जानकारी उपलब्ध कराने वाले स्टार्ट-अप्स तथा उनके निवेशक शेयर प्रीमियम के मूल्यांकन के बारे में किसी तरह की जांच नहीं की जाएगी।
- स्टार्ट-अप्स द्वारा जुटाए गए धन को आयकर विभाग द्वारा किसी तरह की जांच की जरूरत नहीं होगी।
बैंक और वित्तीय क्षेत्र
- पिछले एक वर्ष में वाणिज्यिक बैंकों के फंसे कर्ज में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई। पिछले चार वर्षों में चार लाख करोड़ से अधिक की कर्ज वसूली हुई।
- ऋण क्षमता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 70,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
- खाताधारकों को किसी अन्य द्वारा उनके खातों में जमा की गई राशि पर नियंत्रण रखने के लिए सशक्त बनाने के उपाय करना।
डिजिटल भुगतान :
- बैंक खाते से एक साल में एक करोड़ से अधिक की नकदी निकासी पर 2 प्रतिशत के टीडीएस का प्रस्ताव।
- ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठान, जिसका वार्षिक कारोबार 50 करोड़ रुपये से अधिक है, वे अपने ग्राहकों को कम लागत वाली डिजिटल भुगतान सुविधा बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए व्यापारियों या ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त प्रभार नहीं लगाया जाएगा।




