मसूद अजहर ग्लोबल टेररिस्ट से फिर आई “मोदी है तो मुमकिन है” स्लोगन में नई धार

Masood Azhar declared Global Terrorist: भारत में कई आतंकी घटनाओं के सूत्रधार रहे  मौलाना मसूद अजहर पर अंतरराष्ट्रीय पाबंदी ने भारत और भारत सरकार की ताकत को तो सिद्ध कर ही दिया है, इसके चुनावी असर को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। भाजपा ने इसके सहारे ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के चुनावी नारे को धार दे दिया है। वहीं माना जा रहा है कि इसे बहुमत वाली शक्तिशाली सरकार बनाने का मुद्दा भी बनाया जाएगा। बालाकोट का सबूत मांग रहे विपक्षी दलों को कठघरे में खड़ा करते हुए यह पूछा जाएगा कि जब अंतरराष्ट्रीय ताकतें भारत की ताकत को महसूस कर रही है तो फिर घर के अंदर सवाल खड़ा क्यों किया जा रहा है। परोक्ष रूप से इसे चीन पर जीत का भी संदेश बनाया जाएगा।

पिछले दो साल में भारत ने सर्जिकल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीति के जरिए पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया है। लेकिन दूसरा पड़ोसी चीन हमेशा से भारत पर हावी रहा। हाल के दिनों में आपसी रिश्तों के जरिए और फिर कूटनीतिक पहल के जरिए पहली बार चीन को भी भारत की बात मानने के लिए बाध्य होना पड़ा है। अजहर मसूद पर पाबंदी के लिए चीन का राजी होना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

माना जा रहा है कि इस जीत को भाजपा बहुमत वाली मजबूत सरकार के तर्क का आधार बनाएगी। गौरतलब है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार बार कहते रहे हैं कि विश्व में भारत की धमक इसलिए है क्योंकि यहां मजबूत सरकार है, कोई मजबूर सरकार नहीं। हाल की चुनावी रैलियों में वह आतंक को देश का सबसे बड़ा दुश्मन भी बताते रहे हैं। ऐसे में जब आतंक का सरगना और भारत का बड़ा दुश्मन घिर गया है तो चुनाव में इसका असर होना तय माना जा रहा है।

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