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थाईलैंड रेस्क्यू : 4 बच्चे बचाए, 8 बच्चों को निकालने की आज फिर कोशिश

थाईलैंड। उत्तरी थाइलैंड की थाम लुआंग गुफा में दो सप्ताह से अधिक समय से फुटबॉल कोच के साथ फंसे 12 बच्चों में से चार को बाहर निकाल लिया गया है।

बाढ़ग्रस्त गुफा में फंसे बच्चों को निकालने के लिए 50 विदेशी गोताखोरों और थाइलैंड की नेवी सील के 40 जवानों ने रविवार सुबह साहसिक अभियान शुरू किया।

बचे हुए आठ बच्चों और उनके कोच को निकालने के लिए अब दस घंटे बाद सोमवार सुबह फिर कोशिश होगी। बचाए गए बच्चों को हेलीकॉप्टर से नजदीकी शहर चियांग राई ले जाया गया।

वहां स्वास्थ्य जांच के लिए एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक थोड़ा बीमार लग रहा है। हालांकि चियांग राई प्रांत के गवर्नर ने शाम को बचाए गए बच्चों से मुलाकात के बाद बताया कि सभी स्वस्थ हैं।

केव मेज बॉटलनेक नामक बचाव अभियान के प्रमुख नारोंगसाक असोतानाकोर्न ने बताया कि अंधेरा और तेज बारिश फिर शुरू हो जाने से रात में ऑपरेशन दस घंटे के लिए रोक दिया गया है।

बचाव दल के एक सदस्य ने बताया कि बच्चे 11 से 16 साल की उम्र के हैं और तैराकी में निपुण नहीं हैं। इसलिए उन्हें बाहर निकालने के लिए बहुत सावधानी बरती गई।

वैसे सभी को निकालने में दो से चार दिन भी लग सकते हैं। वैसे यह बचाव अभियान उम्मीद से कहीं अच्छे तरीके से चला। गोताखोर तो इतने खुश थे कि बच्चों को बाहर लाते ही गले से लगा लिया। सबसे पहले सर्वाधिक स्वस्थ बच्चों को निकाला गया है।

अस्थायी बेस कैंप

गुफा में बच्चों के लिए अस्थायी बेस कैंप बना दिया गया है। इसकी लोकेशन पटाया बीच के करीब है। वहां ऑक्सीजन की लाइन भी बिछा दी गई है, ताकि बच्चे सांस ले सकें।

दरअसल गुफा पहाड़ों के नीचे है। कुछ रास्ते ऊपर जाते हैं और कुछ नीचे। हर रास्ते को जोड़ने वाले हिस्से में पानी भरा हुआ है। बारिश में हमेशा इन गुफाओं में पानी भर जाता है।

पानी निकालने के लिए पंप लगा हुआ है। गुफा का जलस्तर 16 सेंटीमीटर तक घट चुका है। डर है कि अगर फिर तेज बारिश हुई तो जहां बच्चों ने शरण ली है, वह जगह धंस सकती है।

पहले आई छह को बचाने की खबर

शाम में पहले छह बच्चों को सुरक्षित निकाल लेने की जानकारी दी गई थी। बाद में अभियान में जुटी थाई नेवी की सील यूनिट ने रात करीब आठ बजे फेसबुक पर सिर्फ चार बच्चों को निकालने की पुष्टि की। इसके बाद रात नौ बजे शुभरात्रि का संदेश देते हुए रविवार के अभियान के खत्म होने की घोषणा कर दी।

बचाव में आठ देशों के विशेषज्ञ 

बचाव अभियान में आठ देशों के विशेषज्ञ लगे हुए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, यूरोप और एशिया के गोताखोर शामिल हैं। गोताखोरों को गुफा का एक चक्कर पूरा करने में करीब 11 घंटे का समय लग रहा है। इस घटना ने समूचे थाइलैंड और दुनियाभर का ध्यान अपनी तरफ खींचा है।

बाढ़ का पानी पीकर जिंदा रहे

शुरुआती नौ दिनों तक बच्चों ने खाना नहीं खाया, सिर्फ बाढ़ के पानी के सहारे ही जिंदा थे। बाद में उन तक खाने-पीने के कुछ सामान पहुंचाए गए। बच्चों को यह तक नहीं पता था कि वे कितने दिन से फंसे हुए हैं।

मीडिया से इलाका खाली कराया

बच्चों को निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू करने से पहले मीडिया को उस इलाके से जाने के लिए कह दिया गया था। अधिकारियों ने रविवार सुबह मीडिया से कहा था कि वे गुफा के पास स्थित शिविर के पास की जगह को खाली कर दें, जिससे पीड़ितों की मदद की जा सके।

इस तरह निकले बच्चे

(भारतीय समयानुसार)

4.10 पर पहला बच्चा बाहर आया

5.50 पर निकाला गया दूसरा

7.35 पर तीसरा आया बाहर

7.45 पर चौथा बच्चा बचाया गया

ऐसे चल रहा बचाव अभियान

– 90 गोताखोर जुटे हैं पूरे ऑपरेशन में

– 40 थाई जबकि 50 अन्य देशों के गोताखोर

– 01 बच्चे को बाहर निकालने के लिए लगाए गए हैं 02 गोताखोर

गुफा में ऐसे पहुंचे बच्चे

–23 जून को वाइल्ड बोर्स नाम की टीम ने फुटबॉल मैच खेला। मैच के बाद बच्चे साइकिल रेस लगाते हुए गुफा तक जा पहुंचे।

–बच्चे गुफा के अंदर चले गए। उनके साथ उनका कोच भी था। देखते-देखते इतनी बारिश हुई कि गुफा में बाढ़ आ गई।

–बाहर निकलने का एक ही रास्ता था और वह पूरी तरह बंद हो चुका था। रात तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो घरवाले परेशान हो गए।

–खबर मिलने पर प्रशासन बच्चों की खोज में लग गया। थाइलैंड की नेवी सील को भी इस ऑपरेशन में लगा दिया गया।

बाढ़ का पानी पीकर जिंदा रहे

नौ दिनों तक बच्चों ने खाना नहीं खाया, सिर्फ बाढ़ के पानी के सहारे ही जिंदा थे। बच्चों को ये तक नहीं पता था कि वे कितने दिन से फंसे हुए हैं। पहाड़ों के नीचे गुफा है। कुछ रास्ते ऊपर जाते हैं और कुछ नीचे।

हर रास्ते को जोड़ने वाले में पानी भर हुआ है। बारिश में हमेशा इन गुफाओं में पानी भर जाता है और सितंबर के महीने तक ही उतरता है।

पहाड़ से रिसकर भर जा रहा पानी

पानी निकालने के लिए पंप लगा हुआ है। गुफा का जलस्तर 16 सेंटीमीटर तक घट चुका है। लेकिन पहाड़ से रिसकर पानी दोबारा भर जा रहा है। डर है कि अगर फिर तेज बारिश हुई तो जहां बच्चों ने शरण ली है, वह जगह धंस सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मीडिया से इलाका खाली कराया

बच्चों को निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू करने से पहले मीडिया को उस इलाके से जाने के लिए कह दिया गया था। अधिकारियों से रविवार सुबह मीडिया से कहा था कि वे गुफा के पास स्थित शिविर के पास की जगह को खाली कर दें, जिससे पीड़ितों की मदद की जा सके। पुलिस ने लाउडस्पीकर से घोषणा की कि जो लोग अभियान से जुड़े नहीं हैं, तत्काल इस इलाके से बाहर चले जाएं।

गुफा में बिछाई गई ऑक्सीजन लाइन

इस बीच बचाव दल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गुफा में ऑक्सीजन की लाइन बिछा दी गई है। बच्चों को सांस लेने में कोई दिक्कत न हो, इस बात का खास ख्याल रखा जा रहा है।

ये बच्चे और उनके कोच 23 जून की शाम फुटबॉल का अभ्यास करने के बाद इस गुफा को देखने गए थे। मगर, बाढ़ के पानी के अचानक भर जाने की वजह से सभी गुफा में फंस गए। नौ दिन बाद बचावकर्ताओं के एक दल ने इन्हें खोज निकाला था।

थाईलैंड की बाढ़ प्रभावित गुफा में पिछले दो सप्ताह से फंसे बच्चों तक पहुंचने के लिए दूसरे रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं। इस प्रयास में पहाड़ में 100 से ज्यादा सुराख कर चिमनी बनाई जा रही हैं।

जलमग्न गुफा से गोताखोरी के जरिये बच्चों को निकालने में कोई खतरा होने पर उन्हें नए रास्ते से निकाला जा सकता है।

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