8 जिलों में बनेंगे 200 नंदघर, इटली की तकनीक से बनेंगीआंगनवाड़ी

भोपाल। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) के तहत वेदांता ग्रुप प्रदेश के आठ जिलों में दो सौ नंदघर (अत्याधुनिक आंगनवाड़ी भवन) बनवा रहा है। इनमें महिला बाल विकास विभाग की मंत्री अर्चना चिटनिस का गृह जिला बुरहानपुर भी शामिल है। इटली की तकनीक से बनाए जा रहे ये भवन भूकंप, ताप, नमी, शोर और आग प्रतिरोधक प्रणाली से लैस होंगे। रतलाम से इनके निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। सितंबर तक आंगनवाड़ी नए भवन में शिफ्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।

औद्योगिक घरानों को अपनी कमाई का दो फीसदी हिस्सा सामाजिक कार्यों में लगाना होता है। ग्रुप ने जून 2015 में नंदघर योजना शुरू की है। इसके तहत देशभर में चार हजार नंदघर बनाए जाना हैं। पहले चरण में पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ सहित आठ राज्यों में नंदघर बनाए गए हैं। दूसरे चरण में मप्र के आठ जिलों में 25-25 नंदघर बनाए जा रहे हैं।

इन भवनों में अलग से कुपोषित बच्चों के बेहतर प्रबंधन और कौशल विकास के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। वहीं माताओं और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संकुल स्तर पर स्वास्थ्य इकाईयों की व्यवस्था की जाएगी और चलित क्लीनिक की सुविधा भी दी जाएगी। नंदघरों के लिए अतिरिक्त पोषण आहार की व्यवस्था भी करने पर विचार चल रहा है।

ई-लर्निंग की सुविधा रहेगी

800 वर्गफीट जमीन पर बनने वाले नंदघरों में टीवी के माध्यम से गर्भवती माताओं के लिए ई-लर्निंग की व्यवस्था रहेगी। भवन में रोशनी और पंखे सहित अन्य उपकरणों को चलाने के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। एकीकृत बाल विकास परियोजना संचालनालय के अफसरों के मुताबिक इन भवनों में नमी, ताप और बाहर होने वाले शोर का अहसास नहीं होगा। भवन में वाटर प्योरीफायर और किचन गार्डन की व्यवस्था भी की जा रही है। जहां जैविक सब्जी उगाई जाएगी।

न जिलों में बन रहे भवन

रतलाम, उज्जैन, देवास, डिंडौरी, गुना, विदिशा, रीवा और बुरहानपुर जिले में भवन बनाए जा रहे हैं। हर जिले में 25 भवन बनने हैं।

200 भवन बनेंगें

ग्रुप सीएसआर राशि से देशभर में चार हजार आंगनवाड़ी भवन तैयार करवा रहा है। मप्र के आठ जिलों में 200 भवन बनाए जा रहे हैं। भवन निर्माण की शुरुआत भी हो चुकी है। सितंबर तक आंगनबाड़ी नए भवनों में शिफ्ट होने की उम्मीद है।संदीप यादव, आयुक्त, एकीकृत बाल विकास परियोजना