मंत्री यशोधराराजे सिंधिया को चुनाव आयोग ने थमाया नोटिस

भोपाल। शिवराज सरकार के वरिष्ठ मंत्री गौरीशंकर बिसेन के बाद यशोधराराजे सिंधिया को चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस थमा दिया है। कांग्रेस ने मंत्री सिंधिया पर मतदाताओं को धमकाने और लालच देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।

शिवपुरी कलेक्टर तरुण राठी ने रिटर्निंग ऑफिसर के प्रतिवेदन के हवाले से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह को भेजी रिपोर्ट में सिंधिया को क्लीनचिट दी थी। जबकि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने प्रतिवेदन और सीडी देखने के बाद इसे आचार संहिता के उल्लंघन का मामला मानते हुए रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी थी। आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए मंत्री यशोधराराजे सिंधिया को नोटिस जारी कर 20 फरवरी तक जवाब-तलब किया है।

 सभा ही नहीं हुई, धमकाया भी नहीं- रिपोर्ट

कांग्रेस प्रवक्ता जेपी धनोपिया की शिकायत पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने शिवपुरी कलेक्टर तरुण राठी से रिपोर्ट मांगी थी। राठी ने कोलारस के रिटर्निंग ऑफिसर से प्रतिवेदन मांगा था। पीठासीन अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कांग्रेस के आरोपों को नकारते हुए कहा कि पटवारी से जांच कराई। इसमें पाया गया कि यशोधराराजे सिंधिया ने पडोरा गांव में कोई सभा नहीं की। इसके लिए कोई अनुमति भी नहीं ली गई।

भाजपा की स्टार प्रचारक होने के नाते सिंधिया सरदार प्रताप सिंह के पुत्र बलवंत सिंह के बाड़े में, जो गांव के बाहर है, बने घर में आई थीं। यहां कार्यकर्ताओं के साथ चाय पी और बातचीत की थी। इसमें मतदाताओं को धमकाने जैसी कोई बात नहीं हुई, बल्कि उन्होंने भाजपा के पक्ष में वोट दिलाने के लिए लोगों को प्रेरित करने की बात की थी।

इस रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने अपने प्रतिवेदन में कहा कि वायरल हुए वीडियो क्लिप को देखने से किसी व्यक्ति विशेष को धमकाने जैसा तथ्य प्रकट नहीं होता है, न ही किसी प्रकार का कोई लालच दिया जाना प्रकट होता है। वीडियो में लोगों को भाजपा के पक्ष में वोट डालने की अपील की गई, जिससे किसी प्रकार की आचार संहिता के उल्लंघन की पुष्टि नहीं होती है। वीडियो क्लिप में किसी प्रकार की धमकी देना भी प्रमाणित नहीं पाया जाता है।

सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर के इस प्रतिवेदन और वीडियो क्लिप को देखने के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अपनी रिपोर्ट के साथ चुनाव आयोग को भेज दिया। आयोग ने इस रिपोर्ट के आधार पर भाजपा की स्टार प्रचारक यशोधराराजे सिंधिया को प्रथम दृष्टया आचार संहिता उल्लंघन का दोषी पाते हुए रविवार को नोटिस जारी कर दिया। उनसे 20 फरवरी तक जवाब-तलब किया है। जवाब नहीं दिए जाने की सूरत में आयोग आगे उचित कदम उठाएगा।

यह कहा था यशोधरा ने

मैं जगह-जगह गई हूं..सूची लेके..की ये आ रहे हैं..पर जिस तरह से आपके बीच आना चाहिए..नहीं आ रहे हैं..क्योंकि आपने पंजे को वोट दिया। इलेक्शन हैं..हम नहीं कह सकते की हम पानी दे रहे हैं…कुछ दे रहे हैं..हमारा इलेक्शन खत्म हो जाएगा। हम सिर्फ आपको बता रहे हैं कि ऐसी योजनाएं हैं..चूल्हे की योजना..क्यों नहीं आपके पास। भाजपा पार्टी..कमल की योजना है..आप पंजे में वोट दोगे, आपके पास आएगी नहीं..। आप कमल को दोगे आपके पास आएगी। सीधी बात है..अब आप पंजे को वोट दोगे तो हम पंजे को क्यों देंगे..हमारे मकान..उसके हाथ से आपका चूल्हा नहीं देंगे। पानी दादा तब आएगा, जब आप पंजे को वोट नहीं दोगे, दो बार दे दिया और कितनी बार दोगे और बिना पानी के रहोगे। आपके यहां से विधायक 24 तारीख को नहीं बनाओगे तो पिछड़ापन तो रहेगा ही, क्योंकि आपने कांग्रेस के विधायक को दिया..आपने वोट दिया तो मैं तो बात नहीं करने वाली और मैं मंत्री हूं। मेरी मंत्रिमंडल उनके काम नहीं करेगी।

(जैसा चुनाव आयोग के नोटिस में लिखा।)