आतंकियों की गोली लगने के बाद गर्भवती महिला ने जन्मा बच्चा

श्रीनगर। मारने वाले से बचाने वाला अधिक बलवान होता है। सुंजवां ब्रिगेड में हुए फिदायीन हमले में आतंकियों ने एक गर्भवती महिला को भी निशाना बनाया। लेकिन, समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ऑपरेशन के बाद महिला ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

शनिवार को जब जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने फिदायीन हमला किया, उस समय यह महिला भी अन्य परिवारों की तरह अपने क्वार्टरों में ही थी। इस दौरान आतंकियों ने महिला को भी अपनी गोलियों से निशाना बनाया। उसकी टांग पर गोली लगी जिससे वह घायल होकर वहीं पर गिर गई। यह महिला गर्भवती थी। उसकी टांग से खून भी बहने लगा। गोलीबारी के बीच वहां से महिला को निकाल पाना आसान नहीं था।

सेना के जवानों ने जान की परवाह न करते हुए घायल महिला को तुरंत वहां से निकाल मिलिट्री अस्पताल सतवारी में पहुंचाया। डॉक्टरों ने भी महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसका तुरंत इलाज करना शुरू किया। खून बहने के कारण महिला की हालत गंभीर थी। इससे बच्चे को भी खतरा हो सकता था।

शनिवार पूरी रात महिला की हालत गंभीर बनी रही। मिलिट्री अस्पताल के डॉक्टरों ने रविवार सुबह महिला का समय रहते सीजेरियन कर मां और बच्ची दोनों को बचा लिया। महिला राइफलमैन नजीर अहमद की पत्नी हैं। उसकी हिम्मत और डॉक्टरों के प्रयास को भी सभी सराह रहे हैं।

घायल महिला का हाल जानने रविवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद भी पहुंचे। उन्होंने भी दोनों की हालत में जल्दी सुधार के लिए प्रार्थना की। इससे पहले शनिवार को जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मिलिट्री अस्पताल में पहुंची थीं और उन्होंने भी उसका पूरा ख्याल रखने को कहा था।