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धारा 370 पर क्‍या बोलें, समझ नहीं आ रहा विपक्ष को, आ रही ऐसी प्रतिक्रियाएं

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्यसभा में अनुच्छेद 370 संशोधन विधेयक पेश किया। इस विधेयक में जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा लेते हुए उसे केंद्र शासित राज्य का दर्जा दिया गया है। इसके साथ ही लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग करते हुए नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है। गृहमंत्री के इस विधेयक को पेश करने के बाद विपक्ष द्वारा राज्य सभा में जमकर हंगामा किया गया। इसके साथ ही विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएँ भी सामने आने लगी है।

जम्मू कश्मीर में पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर लिखा है ‘भारत सरकार की मंशा पूरी तरह से साफ और द्वेषपूर्ण है। वे भारत में एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य की भौगोलिक स्थिति बदलना चाहते हैं। मुस्लिमों को दोयम दर्जा देना चाहते हैं। जिससे वे अपने ही राज्य में दूसरे दर्जे के नागरिक बनकर रहें।’

वहीं लद्दाख में भाजपा नेता एवं सांसद जमयांग तेसरिंग नामग्याल ने कहा ‘हम लद्दाख के हर व्यक्ति की तरफ से इस बिल का स्वागत करते हैं। यहां के लोग इस क्षेत्र को केंद्र शासित बनाने की मांग कर रहे थे।’

नेशनल कांफ्रेंस के वाइस प्रेसिडेंट और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि ‘भारत सरकार द्वारा झकझोरने वाला निर्णय लिया गया है। इससे जम्मू कश्मीर के लोगों के भरोसे को आघात लगा है। इस निर्णय के दूरगामी दुष्परिणाम होंगे।’

कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर पेश विधेयक को लेकर बीएसपी नेता सतीशचंद्र ने भी अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि बीएसपी इस बिल का समर्थन करती है।

वहीं शिवसेना के एमपी संजय राऊत ने बिल पेश होने के बाद राज्यसभा में कहा ‘आज जम्मू और कश्मीर लिया है। कल बलुचिस्तान, पाक लेंगे। मुझे विश्वास है देश के पीएम अखंड हिंदुस्तान का सपना पूरा करेंगे।’

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