एकात्म यात्रा के ध्वज को लेकर सांसद-विधायक में झूमाझटकी

आगर-मालवा। देवास-शाजापुर सांसद मनोहर ऊंटवाल और आगर-मालवा विधायक गोपाल परमार की लड़ाई एक बार फिर सड़क पर आ गई। बुधवार को आगर पहुंची एकात्म यात्रा के ध्वज को लेकर दोनों में बीच सड़क पर ही झूमाझटकी और जमकर गाली-गलौच हुई। वहीं समर्थकों में जमकर लात-घूसे चले। इससे करीब 15 मिनट के लिए अफरा-तफरी मची रही। पुलिस और वरिष्ठ नेताओं ने आगे आकर मामले को शांत कराया। मामला खत्म होने के बाद अब सांसद-विधायक एक-दूसरे पर मंत्री बनने, चुनाव लड़ने और मारपीट व गाली-गलौच करने जैसे आरोप लगा रहे हैं।

आदि शंकराचार्यजी की प्रतिमा स्थापना के लिए मिट्टी व धातु संग्रह हेतु एकात्म यात्रा का आगर नगर में प्रवेश बुधवार को हुआ। नगर प्रवेश के दौरान एकात्म यात्रा के ध्वज को लेने के लिए स्थानीय विधायक परमार और सांसद मनोहर उंटवाल एवं उनके समर्थकों के बीच झूमाझटकी के साथ तीखी नोकझोंक के बीच गाली-गलौच, धक्का-मुक्की और लात-घूसे तक चले। इस विवाद को देखते हुए ध्वज को यात्रा में लेकर चलने के बजाय यात्रा के रथ में रखना पड़ा। इस बीच धक्का-मुक्की व हंगामे के दौरान आदि शंकराचार्य की प्रतीक चरण पादुका सड़क पर गिर गई। वहां मौजूद लोगों ने उसे वापस सिर पर धारण की। उसके बाद यात्रा का कारवां आगे बढ़ा। विवाद बढ़ता देख पुलिसकर्मी सांसद को सुरक्षा घेरे में ब्लैक कमांडो के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय मंे ले गए। जहां करीब वे 20 मिनट तक रहे।

ध्वज बना विवाद का कारण

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यात्रा के अगवानी स्थल के थोड़ी दूर पहले से विधायक परमार यात्रा का ध्वज हाथो में लिए हुए थे। अगवानी स्थल पर इस ध्वज को सांसद ऊंटवाल के समर्थक सांसद के हाथों में दिलाना चाहते थे। जिसके लिए ध्वज परमार के हाथ से लेना चाहा किंतु परमार ने ध्वज नहीं छोड़ा। मौके पर मौजूद ऊंटवाल ने विधायक और खींचतान कर रहे समर्थकों को समझाने का प्रयास किया किंतु विवाद बढ़ता गया। जिसमें गाली-गलौच व हाथापाई हो गई। इस बीच विधायक परमार ध्वज लेकर रथ पर बैठ गए। यहां भी ऊंटवाल समर्थक कार्यकर्ताओं से छीना-झपटी एवं नोकझोंक होती रही किंतु परमार ने ध्वज आखिर तक नहीं छोड़ा। ऐसे में यात्रा के रथ की व्यवस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं ने ध्वज को रथ में एक तरफ रख दिया। इसके बाद यात्रा का कारवां आगे बढ़ा। रथ में विराजित मुख्य कलश को बारी-बारी से जनप्रतिनिधि प्रमुख नेता सिर पर धारण करके करीब 200 मीटर की दूरी तय कर जनसंवाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

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अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई

स्थानीय विधायक परमार एवं सांसद ऊंटवाल के बीच अंदरूनी कलह एवं गुटबाजी लंबे समय से चली आ रही है। 19 सितंबर 2015 को बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर में महारूद्राभिषेक उत्सव में भाग लेने आए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान के समक्ष अपशब्दांे के साथ जमकर तू-तू, मैं-मैं दोनों के बीच हुई थी। यह मामला सुर्खियों में उस समय आया था। इसके बाद से ही दोनों में खटाई रही।

सोशल मीडिया पर छाए रहे वीडियो

एकात्म यात्रा के इस विवाद के वीडियो सोशल मीडिया पर छाए रहे हैं। राजनीतिक लोगों ने इस वीडियो को पार्टी के बड़े नेताओं से जुड़े वाट्सएप ग्रुप्स में भी पहुंचा दिया।

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मेरे साथ गाली-गलौच व मारपीट की

– सांसद एवं उनके समर्थकों ने मेरे साथ गाली-गलौच व मारपीट की। सांसद यहां से विधायक का चुनाव लड़ना चाहते हैं। इनका प्रभुत्व क्षेत्र में खत्म होता जा रहा है। इनके समर्थकों ने रथ में रखी चरण पादुका फेंक दी। गुंडागर्दी के दम पर चमकाना चाहते हैं। घर से बाहर करना चाहते हैं। ये तो प्रदेश के महामंत्री हैं। मैं तो छोटा कार्यकर्ता हूं।

-गोपाल परमार, विधायक आगर

वाल्मीकि परिवार को पूजन से रोका

– यात्रा के प्रवेश पर वाल्मीकि दंपती द्वारा चरण पादुका, कलश, ध्वज का पूजन करने का कार्यक्रम संगठन स्तर पर तय हुआ था। उसी दौरान विधायकजी को बताया गया लेकिन वे नहीं माने और कुछ समर्थकों में कहासुनी हो गई। मंत्री बनने का ख्वाब देखने का जो आरोप लगा रहे हैं, वह समझ से परे है। यह संगठन तय करेगा कि किसे क्या देना है। यह मामला संगठन के उचित फोरम पर पहुंचा दिया है।

-मनोहर ऊंटवाल, सांसद देवास-शाजापुर एवं प्रदेश महामंत्री भाजपा

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