प्रशासन की मौजूदगी में हुई अनाज की डाक

दमोह। जिला कृषि उपज मंडी सचिव केके रैकवार के रिश्वतखोरी के आरोप में ट्रेप होने के अगले दिन गुरुवार को मंडी सचिव के बरगलाने पर हम्मालों ने डाक में सहयोग न करने का एलान किया था। उनके साथ मंडी के कर्मचारी भी इस बात की मांग लेकर समर्थन में थे कि जिस कैंटीन संचालक ने सचिव को लोकायुक्त से ट्रेप कराया है, उसकी कैंटीन तत्काल बंद कराई जाए। इसी दिन यह भी खबर फैला दी गई थी कि व्यापारियों ने भी सचिव का समर्थन किया है, जबकि ऐसा नहीं था।

शुक्रवार को डाक न होने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम डॉ. सीपी पटैल, तहसीलदार मनोज श्रीवास्तव, सागरनाका चौकी प्रभारी नीतू खटीक मंडी पहुंची। यहां सभी से चर्चा की गई। मंडी में अनाज खरीदी करने वाले व्यापारी संघ से भी चर्चा की गई। गल्ला व्यापारी संघ अध्यक्ष नरेंद्र बजाज ने अधिकारियों से कहा कि उनके बारे में गलत सूचना दी गई थी, उन्होंने कभी इस तरह की हड़ताल का समर्थन नहीं किया है। वह डाक के लिए तैयार हैं। इसके बाद हम्माल भी नरम पड़ गए और दोपहर 12 बजे से मंडी में डाक हो गई। अपना अनाज बेचने पहुंचे किसान दोपहर तक इस बात को लेकर चिंतित थे कि उनके अनाज की बिक्री होती है या नहीं, लेकिन दोपहर में जब डाक शुरू हुई तो उनके चेहरे भी खिल गए।