विदिशा में पुतला दहन की राजनीति-एसएटीआई का घमासान आया सड़कों पर

विदिशा। विदिशा में SATI की राजनीति गर्मा गई है। यहां कल सिंधिया समर्थकों ने फूंका प्रतापभानु का पुतला तो आज प्रताप भानु समर्थकों ने सिंधिया का पुतला फूंक दिया।

सिंधिया समर्थकों ने पत्रकारवार्ता आयोजित कर श्री शर्मा पर लगाया भाजपा से सांठगांठ का आरोप लगाया।साथ ही प्रदेश व राष्ट्रीय कांग्रेस से अनुशासनात्मक कार्यवाही की मांग की।

कुलमिलाकर  एसएटीआई में मचा घमासान अब सड़कों पर आ गया है।आ गया, जिसके चलते सिंधिया समर्थकों ने दोपहर के समय जालोरी गार्डन में पत्रकारवार्ता आयोजित कर पूर्व सांसद श्री शर्मा पर विभिन्न आरोप लगाते हुये उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रदेश और राष्ट्रीय कांग्रेस से मांग की।

सिंधिया समर्थकों ने श्री शर्मा पर आरोप लगाये कि उन्होंने भाजपा से सांठगांठ कर एमजेईएस की विभिन्न समितियों में अवैध रूप से भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल कर दिया है।


पत्रकारवार्ता के बाद फूंका शर्मा का पुतला
पत्रकारवार्ता के दौरान नरेन्द्र सिंह राजपूत खड़ेर ने कहा कि हम सिंधिया के समर्थक हैं। आगामी विधानसभा चुनाव 2018 में श्री सिंधिया हमारे केन्द्र बिन्दु हैंण् हम कतई बर्दास्त नहीं करेंगे कि कोई भी अनावश्यक रूप से उनकी छबि खराब करे, यदि कोई भी व्यक्ति ऐसा करता है तो हम उसका विरोध करेंगेण् सड़कों पर उतरकर पुतला जलायेंगे। इस दौरान अजय दांतरे, संजय गजार, मनोज कपूर, शैलेन्द्र सिंह विट्टू भदौरिया, सुरेन्द्र सिंह भदौरिया आदि उपस्थित थे।

इसके उपरांत दोपहर करीब 3 बजे उक्त सिंधिया समर्थकों ने एसएटीआई गेट के सामने पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा का पुतला फूंका और नारेबाजी की।

शाम को शर्मा समर्थकों ने फूंका सिंधिया का पुतला
प्रतापभानु शर्मा का पुतला जलने की सूचना जैसे ही उनके समर्थकों को लगी तो वे उग्र हो गये और उन्होंने ने भी यह निर्णय किया कि हम भी सिंधिया का पुतला माधवगंज पर शाम 6 बजे जलाकर इसका जबाव देंगे परंतु माधवगंज पर भीड़भाड़ होने व पुलिस की मुश्तैदी के कारण प्रतापभानु समर्थकों द्वारा शाम 7 बजे बड़ा बाजार में सिंधिया का पुतला फूंका गया।

इस दौरान सुजीत देवलिया ने कहा कि विदिशा के गौरव एसएटीआई को राजनैतिक अखाड़ा बनाया जा रहा है।एसएटीआई को स्थापित करने में विदिशा के लोगों का योगदान है, लेकिन एसएटीआई से विदिशा को बेदखल किया जा रहा है और बाहर के लोगों को बिठाया जा रहा है इसलिये सिंधिया का पुतला फूंका गया है। हमारी मांग है कि एसएटीआई का प्रबंधन विदिशा के लोगों के पास रहे। इस दौरान संतोष कुशवाह, विजय दीक्षित, नवेद राजा, अंशुज शर्मा, दीनदयाल शर्मा, दीपक बाजपेयी,राजकुमार पासी आदि शामिल थे।