दुनिया चलाते हुये तीसरी लहर नहीं आने देना है, आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित, धारा 144 लागू रहेगी – सीएम शिवराज
Bhopal: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश में दुनिया चलाते हुये तीसरी लहर नहीं आने देना है, हमने इसके लिए रोड मैप तैयार कर लिया है। सभी तरह के राजनीतिक और धार्मिक आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे, धारा 144 लागू रहेगी। मुख्यमंत्री शिवराज आज शाम प्रदेश की जनता को संबोधित कर रहे थे।
हम यहां मुख्यमंत्री का भाषण जस का तस प्रस्तुत कर रहे हैं:-
आज कोरोना संकट ने मानवता को फिर से झकझोर कर रख दिया है। अब हम कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की स्थिति में आ रहे हैं। मुझे यह कहते हुये संतोष है कि आप सब के, समाज के प्रयासों से कोरोना संक्रमण अब मध्यप्रदेश में नियंत्रण की स्थिति में है। कल हमने 70,000 हजार से ज्यादा टेस्ट किए हैं, लेकिन 2,189 प्रकरण ही पाज़िटिव आए हैं। 7,846 स्वस्थ होकर घर वापस गए, पॉजिटिविटी रेट अब घटकर 3.1% के आस पास आ गया है। तथा स्वस्थ होने वालों की दर 93.39% है। लेकिन निश्चिंत नहीं होना है, संकट अभी टला नहीं है। खतरा अभी बाकी है क्यूंकी वायरस अभी भी हमारे बीच है। इंदौर और भोपाल में बहुत सावधानी की आवश्यकता है। रतलाम, रीवा, अनूपपुर, सीधी इन जिलों को भी ध्यान देने की जरूरत है। सम्पूर्ण प्रदेश में सावधानी की आवश्यकता है। ये कोरोना कर्फ्यू का ही परिणाम है कि संक्रमण की दर कम हुई। ये मध्यप्रदेश का मॉडल है जनता का, जनता के द्वारा, जनता के लिए, ये अकेले सरकार ने नहीं किया है। हमने इस संकट से निपटने के लिए गाँव, शहर, वार्ड, ब्लॉक, और जिले में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बनाए जहां हर स्तर के जनप्रतिनिधि, लोकसेवक, सामाजिक, राजनैतिक कार्यकर्ता और समाजसेवियों ने योगदान दिया।
मध्यप्रदेश में गाँव में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप का गठन अभिनव प्रयोग रहा। इसमें सरपंच, पंच, सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मुकद्दम, एएनएम, और चौकीदार को जोड़ा गया जिससे निचले स्तर का अमला एकजुट हो गया। हमने फैसले विकेंद्रित किए, गाँव में कर्फ्यू कैसे लगना है ये गाँव ने तय किया। गाँव में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की टीम किल कोरोना अभियान सर्वे दल के साथ पहुंची। आप अगर घर-घर न जाते तो कई लोग न बताते की सर्दी जुकाम है। आपका योगदान अमूल्य है।इसी तरह वार्ड में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने स्थितियाँ संभाली और गतिविधियां बंद करने का काम किया। आना-जाना नियंत्रित किया। ऐसे ही ब्लॉक स्तर पर माइक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन, कोविड केयर सेंटर का प्रबंधन ब्लॉक स्तर पर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने किया। और सम्पूर्ण जिले में कोरोना कर्फ्यू कैसे लगेगा, व्यवस्थाएं, अस्पताल आदि का फैसला जिला स्तर पर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने किया। यही मध्यप्रदेश का मॉडल है, जनभागीदारी का मॉडल।
इसी जनभागीदारी के मॉडल के साथ मध्यप्रदेश में संक्रमण की दर नियंत्रित करने में हमे बड़ी सफलता मिली है। लेकिन मैं फिर आपसे निवेदन करता हूँ, हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है। कर्फ्यू अनंत काल तक नहीं रह सकता। हमने तय किया है, 1 जून से हम धीरे धीरे आर्थिक गतिविधियां शुरू करेंगे, क्यूंकी दुनिया भी हमें चलानी है। और कोरोना के वायरस के रहते दुनिया चलानी है।
अगर असावधान रहे, अचानक निकल पड़े, भीड़ इकट्ठी करी, मेला शुरू किया, आयोजन प्रारंभ हो गए तो संक्रमण को बढ़ते देर नहीं लगेगी, हम फिर से संकट में फंस जाएंगे। मेरे प्रिय बहनों और भाइयों हमने वो दिन देखे हैं, जब अस्पताल के बिस्तर भरे थे, ऑक्सीजन के लिए दिन रात एक करनी पड़ी, कितनी तकलीफें उठानी पड़ी। कई इस दुनिया से चले गए। क्या उस कष्ट को हम फिर से देखना चाहते हैं। क्या वो परिस्थिति फिर से वापस आए, हम ये देखना चाहते हैं, कदापि नहीं।
हम वैसी परिस्थितियाँ नहीं बनने देंगे और इसलिए सावधानी की आवश्यकता है, कोरोना कर्फ्यू धीरे धीरे खोला जायेगा। कैसे खोला जायेगा यह आपको तय करना है। गाँव, वार्ड, ब्लॉक, और जिले में में कौन सी गतिविधियां चालू रहेगी कौन सी बंद रहेगी यह यह क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप तय करेगा। हर जिले में परिस्थिति के हिसाब से व्यवस्थाएं की जाएंगी, वो भी आपको तय करना है। चाहे संक्रमण मुक्त हो या संक्रमण हो परिस्थिति अनुसार क्राइसिस मैनेजमेंट कमिटी को विचार करना है, एक जून से पहले बैठक कर फैसला करें।
बहनों और भाइयों अगर हम असावधान रहे तो संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ता रहेगा। और जब संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी एक दिन विस्फोट होगा और तीसरी लहर आ जाएगी। हमें दुनिया चलाते हुये तीसरी लहर नहीं आने देना है, इसको कोशिश करनी है। इसके लिए एक रोड मैप तैयार किया है। आयोजन पूरी तरह से बंद रहेंगे, शादी विवाह में कम से कम लोग आयें, जो आयें टेस्ट करवा के आयें। बाजार खुलें तो कैसे कितने खुलें यह हमें तय करना होगा, दुकानदार मास्क लगाकर रखें, गोले बनाएं, ग्राहक भी अनुरूप व्यवहार करें। नियम बनेंगे, धारा 144 लगी रहेगी, ताकि भीड़ न इकट्ठी हो।
टेस्टिंग लगातार जारी रहेगी। लगभग 75 हजार टेस्ट रोज किए जाएंगे। फीवर क्लिनिक भी चालू रहेंगे, टेस्टिंग के लिए मोबाईल टीम भी भेजी जाएंगी। संक्रमित को तुरंत पहचान कर इलाज की व्यवस्था करेंगे, ताकि संक्रमण आगे न बढ़े, इसके लिए कान्टैक्ट ट्रैसिंग की जाएगी। सबकी टेस्टिंग कर के संक्रमण को बढ़ने से रोकना है। अगर पाज़िटिव केस मिलते हैं वहाँ माइक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन बनाएंगे। किल कोरोना अभियान जारी रहेगा, आज से ही किल कोरोना अभियान-4 शुरू हो रहा है। गाँव-गाँव में टीम जाकर सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों को ढूंढकर उनकी टेस्टिंग और इलाज की व्यवस्था करेंगी।
संक्रमण जहां पता चले वहीं रोकना है, इसे बढ़ने नहीं देना है। कोरोना के साथ जीना है तो हमें यह सब चीजें करनी पड़ेगी, सावधानी रखनी पड़ेगी। इसमें आप सब का सहयोग चाहिए। अनुशासन, संयमित व्यवहार करना है, बिना मास्क की किसी भी कीमत पर नहीं निकलना है। जो बिना मास्क के दिखे उसे टोकना है, क्यूंकी वो बाकी समाज के लिए खतरा बन रहा है। मैं सबसे अपील करता हूँ, इस काम को आप संभाले, मैं मास्क लगाऊँगा और बाकी को लगवाऊँगा। मैं मेरे घर-परिवार की सुरक्षा करूंगा कोरोना से, संकल्प लें। दूरी बनाकर रखना है, सैनिटाइजर का उपयोग करना है।
मैं 1 लाख 17 हजार से ज्यादा कोरोना वालेंटियर से आह्वान करता हूँ कि निकलें और समाज की मदद करें। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ कोविड अनुरूप व्यवहार, मास्क लगाना, दूरी रखना, सैनिटाइजर का प्रयोग करना इन कामों को संभालें। स्व-सहायता समूह, जन अभियान परिषद, सामाजिक राजनैतिक संगठन आगे आयें और कोरोना के विरुद्ध एक सामाजिक आंदोलन चलाएं। मैं आपके साथ खड़ा हूँ, कोई कसर नहीं छोड़ूँगा।
हमारा सबसे बड़ा काम है कोरोना के संक्रमण पर नियंत्रण, सभी धर्मगुरुओं से अपील करता हूँ, वो अपने प्रभाव का उपयोग कर अपने अनुयायियों को प्रेरित करें, राजनैतिक दल कार्यकर्ताओं को दिशा निर्देश दें, समाज सेवी संगठन समाज को दिशा दें। आइए मध्यप्रदेश को कोरोना नियंत्रण का मॉडल बना दें। दुनिया चलाते हुये कोरोना का नियंत्रण, यह हम ठान लेंगे तो अवश्य करेंगे, मध्यप्रदेश एक अलग राह बना देगा।
बहनों एवं भाइयों असंभव कुछ नहीं है.
“खम ठोक ठेलता है जब नर, पर्वत के जाते पाँव उखड़, मानव जब ज़ोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है।”
मैं आज इसीलिए आपसे अपील कर रहा हूँ, अपने लिए, अपनों के लिए, अपने प्रदेश के लिए और देश के लिए आपका यह सहयोग चाहिए। आपने अभी तक सहयोग दिया है। अनुशासन का पालन कर के, कोरोना के नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाकर, एक अलग राह बना देंगे। आइए मिलकर हम संकल्प करें कि मैं अपना कर्तव्य पूरा करूंगा, अगर ये संकल्प सबने कर लिया, तो प्रदेश कोरोना से मुक्त रहेगा।




