ग्‍वालियर के अवैध नशा मुक्ति केंद्र में पिटाई के बाद युवक की मौत

ग्वालियर। बहोड़ापुर थाने की सीमा में आने वाली सागरताल रोड पर स्थित अवैध नशा मुक्ति केंद्र में युवक की बेहताशा पिटाई ने उसकी जान ले ली। परिजन के अनुसार इलाज के नाम पर उसे इतना टॉर्चर किया गया कि अस्पताल पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया।

19 जून को 30 साल के इमरान खान को इस नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था और रविवार सुबह इमरान की पत्नी के पास फोन आया कि इमरान कूदकर भाग रहा है, सीढ़ियों से गिर गया है। परिजन पहुंचे तो बदहवास हाल में इमरान घायल मिला, जिसे जेएएच में लाए, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल से केंद्र संचालक व स्टाफ मौत की खबर सुनते ही भाग गया। इमरान के पैरों सहित शरीर में थर्ड डिग्री टॉर्चर जैसे निशान थे, जिसने भी देखा चौंक गया। वहीं सामाजिक न्याय विभाग की पड़ताल में सामने आया कि न्यूलाइफ नाम का कोई केंद्र रजिस्टर्ड ही नहीं है।

यह बोली पत्नी

रविवार सुबह करीब 8 बजे मेरे पास नशा मुक्ति केंद्र से फोन आया कि तुम्हारे पति इमरान खान पुत्र स्व फिरोज खान निवासी मेवाती मोहल्ला कूदकर भाग रहे हैं, कुछ देर बाद फिर फोन आया कि सीढ़ियों से गिर पड़े हैं। मैं भागी-भागी नशा मुक्ति केंद्र पहुंची, जहां देखा इमरान को काफी चोटें लगी थीं। हम लोग इमरान को जेएएच ले गए।

जेएएच में नशा मुक्ति केंद्र का संचालक सूरज सिंह राजपूत, इंचार्ज अमित वर्मा, स्टाफ कौशल सिकरवार भी पहुंचे। यहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद कहा कि इमरान में कुछ भी नहीं बचा है, इमरान ने दम तोड़ दिया था। ऐसे कैसे हो सकता है, शराब पीने की आदत के कारण मैंने 19 जून को इमरान को यहां भर्ती कराया था। 20जून को मिलने भी गई थी। उसे इतना मारा गया है कि उसकी जान चली गई।

(जैसा मीडिया को इमरान की पत्नी आशियाना ने बताया)

मरीज का खुलासा: नए मरीज की डंडे से पिटाई

न्यू लाइफ नशा मुक्ति केंद्र के संचालक और स्टाफ अपने साथ जेएएच में केंद्र के एक मरीज छोूट श्रीवास को भी साथ लाए थे, जो छह माह से अंदर रह रहा है। इमरान के परिजनों के पास बैठे छोटू श्रीवास ने बताया कि केंद्र में करीब 18 मरीज हैं। नए मरीज को डंडे से पीटा जाता है। इनके पास और भी डंडे जैसे हथियार हैं, जिनका उपयोग किया जाता है। मरीज को बांधकर भी रखते हैं।

अब ये मासूम किसके भरोसे रहेंगे, कौन संभालेगा

इमरान की पत्नी जेएएच में रो-रोकर बदहवास हो गई थी। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। इमरान के एक बड़ा भाई इरफान और एक छोटा भाई इकबाल है। इमरान के एक बेटा ईशान 5 साल और बेटी अलफिसा 3 साल की है। इमरान की पत्नी रो-रोकर एक ही बात दोहरा रही थी कि अब ये मासूम कैसे पिता के बिना रहेंगे, इन्हें कौन संभालेगा।

गजब: सिर्फ 4 रजिस्टर्ड, बाकी सब अवैध

सामाजिक न्याय विभाग के अनुसार जिले में सिर्फ 4 ही नशा मुक्ति केंद्र रजिस्टर्ड हैं। वहीं यह काफी संख्या में खुले हुए हैं और मनमानी कर रहे हैं। इनकी बहोड़ापुर क्षेत्र में ज्यादा संख्या है जहां यह किराए की बिल्डिंगों में खुले हुए हैं। 7 से 10 हजार तक महीने का शुल्क मरीज के परिजनों से वसूला जाता है, अंदर क्या कर रहे हैं, किसी को कोई मतलब नहीं। सागरताल रोड स्थित यह न्यूलाइफ नशा मुक्ति केंद्र की पड़ताल जब विभाग ने कराई तो यह पंजीकृत ही नहीं निकला।

सख्त कार्रवाई होगी

न्यूलाइफ नशा मुक्ति केंद्र अवैध है, इसका कोई पंजीयन नहीं है। इस केंद्र सहित जिलेभर के अवैध केंद्र जो शासन के मापदंडों के खिलाफ चल रहे हैं, सख्त कार्रवाई की जाएगी। इमरान की मौत के मामले में जानकारी ली जा रही है। 

संजीव खेमरिया, ज्वाइंट डायरेक्टर, सामाजिक न्याय विभाग

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