आधे खुले गेट से टकराई रेल, बड़ा हादसा टला

बीना। बीना से चलने वाली ट्रेनों के मेंटनेंस के लिए बने वाशिंग यार्ड में प्वाइंट्स मैन और एक अन्य कर्मचारी की लापरवाही से ट्रेन पिट लाइन के गेट से टकरा गई। ट्रेन की टक्कर से गेट पूरी तरह टूट गया। इस दौरान विभाग के जेई अपने ऑफिस में बैठे हुए थे। चार अन्य कर्मचारी लाइन पर काम कर रहे थे।

शनिवार की रात्रि 9 बजे से 10 बजे के बीच कैरिज एंड वैगन डिपार्टमेंट के वाशिंग यार्ड में कर्मचारी ट्रेन क्रमांक 51611 का मेंटनेंस कर रहे थे। ट्रेन का एग्जामिनेशन चल रहा था। वाशिंग यार्ड की दूसरी लाइन पर मेंटनेंस के लिए ट्रेन क्रमांक 51602 को लिया जाना था। डिपो का गेट बंद था, जिसे ड्यूटी पर मौजूद अकील अहमद नाम के कर्मचारी ने आधा खोला। प्वाइंट्समैन ने ट्रेन क्रमांक 51602 के पायलट को ट्रेन लाने के लिए सिग्नल दे दिए।

इसे भी पढ़ें  मणिशंकर अय्यर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्‍यता से निलंबित, PM मोदी पर की थी अभद्र टिप्‍पणी

यार्ड में चल रहा था काम 

वाशिंग यार्ड का एक गेट बंद था और दूसरा गेट खुला हुआ था। ट्रेन वाशिंग यार्ड के अंदर आ रही थी और ट्रेन का एसएलआर सीध्ाा गेट से टकरा गया। लोहे का गेट ट्रेन की टक्कर से पूरी तरह टूट कर गिर गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ सीएंडडब्ल्यू के कर्मचारी यार्ड में काम कर रहे थे। प्वाइंट्समैन और दूसरे कर्मचारी की लापरवाही से गेट टूटा और बड़ा हादसा होने से टला।

हादसे के वक्त जूनियर इंजीनियर अनुराग बुंदेला अपने ऑफिस में काम कर रहे थे। गेट से ट्रेन के टकराने की आवाज सुनकर वह ऑफिस से बाहर आए और इस बड़े हादसे के लिए रेल कर्मचारियों को डांटा। इस मामले में सीएंडडब्ल्यू एसएसई संजीव सिंह गौर ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

इसे भी पढ़ें  PM की दूसरी शादी से बैन हुआ था पाकिस्तान में ट्रिपल तलाक, जानिए 22 देशों में क्या थी वजह

हादसे के बाद लगाया गया था गेट

वाशिंग यार्ड में हादसे का यह पहला अवसर नहीं है। पहले मेंटनेंस के लिए यार्ड में खड़ी एक गाड़ी में पीछे से दूसरी ट्रेन टकरा गई थी। जिससे मेंटनेंस करने वाले एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई थी और कुछ अन्य कर्मचारी घायल हो गए थे। उस घटना के बाद रेलवे द्वारा वाशिंग यार्ड में गेट लगवाया गया। यह गेट प्वाइंट्समैन व एक कर्मचारी की लापरवाही से टूट गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *