सुषमा स्वराज से मिला हामिद, पाक में महिला मित्र ने बनवाए थे फर्जी कागज, पढ़िए पूरी कहानी

अमृतसर। पाकिस्तान की पेशावर जेल से रिहा होने के बाद मुंबई का सॉफ्टवेयर इंजीनियर हामिद अंसारी मंगलवार को ज्वाइंट चेक पोस्ट अटारी के रास्ते भारत पहुंचा। पेशावर से भारी सुरक्षा के बीच लाए गए हामिद अंसारी को पाकिस्तानी रेंजर्स ने मंगलवार को जेसीपी अटारी पर बीएसएफ के हवाले किया। इसके बाद बुधवार को उसने अपने परिवार के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छह साल बाद पाकिस्तान से भारत लौटे हामिद अंसारी को फेसबुक पर पाकिस्तान के खैबर पख्तून क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती से प्रेम हो गया था।

काबुल से नौकरी का ऑफर आने की बात कहकर हामिद नवंबर 2012 में मुंबई से अफगानिस्तान पहुंचा और फिर वहां से पाकिस्तान पहुंच गया। यहां पर उसकी महिला मित्र ने हामिद के ठहरने का इंतजाम किया था। वहां से उसे 12 नवंबर को भारतीय जासूस होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में ये बातें सामने आईं कि उसे फर्जी दस्तावेज उसकी महिला मित्र ने ही उपलब्ध करवाए थे।

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने फर्जी पाकिस्तानी पहचान-पत्र रखने के आरोप में 15 दिसंबर, 2015 को उसे तीन साल की सजा सुनाई थी। मंगलवार को लौटे हामिद को जीरो लाइन क्रॉस करते ही सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा घेरे में ले लिया और पूछताछ की। इसके बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर को उसके सेवामुक्त बैंकर पिता निहाल अंसारी, मुंबई के एक कॉलेज से सेवामुक्त वाइस प्रिंसिपल मां फौजिया अंसारी और भाई खालिद अंसारी को सौंप दिया गया।

सरजमीं को किया नमन

पेशावर की सेंट्रल जेल से रिहा हामिद अंसारी सरजमीं पर कदम रखते ही भारत मां कहते हुए जमीन पर लेट गया। जैसे ही वह जमीन से उठा, वहां मौजूद उसकी मां फौजिया अंसारी ने उसे गले से लगा लिया और बार-बार चूमने लगी। उसने अपने बेटे को सिर से पांव तक देखा और पूछा कि पाकिस्तान में उसे टार्चर तो नहीं किया गया।

इस पर अंसारी ने अपनी मां से कहा कि गैर कानूनी तौर पर पाकिस्तान जाना उसकी गलती थी, लेकिन वहां उसके साथ किसी ने बुरा व्यवहार नहीं किया। पाकिस्तान में उसकी सजा 15 दिसंबर, 2018 को मुकम्मल हो चुकी थी लेकिन कुछ दस्तावेज मुक्कमल न होने के कारण उसे मंगलवार को रिहा किया गया।

आज का दिन ईद से कम नहीं

अटारी बॉर्डर पर पहुंचे हामिद अंसारी की मां फौजिया अंसारी ने अपने बेटे की रिहाई को लेकर कहा कि आज उसकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन दिन है और यह दिन ईद से कम नहीं है। मां फौजिया ने कहा कि छह साल से उनके घर में न तो कभी ईद का त्योहार मनाया गया और न ही कोई अन्य खुशी मनाई।

मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हुआ परिवार

अब हामिद का परिवार मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हो चुका है। परिवारिक सदस्यों ने बताया कि क्योंकि बेटे हामिद के लिए बार-बार दिल्ली में दूतावास के चक्कर लग रहे थे, इसलिए परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया।