दावोस में भाषण के दौरान PM मोदी की फिसली जुबान

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 48वीं सालाना बैठक में प्लेनरी सेशन में भाषण दिया। जिसमें उन्होंने पिछली बार 1997 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पहुंचे भारतीय पीएम एचडी देवगौड़ा से आज के समय की तुलना की। इस दौरान उन्होंने तेजी से उभरती भारतीय अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया लेकिन पीएम दुनिया को आंकड़े गिनाते हुए भारी भूल कर बैठे।
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दरअसल मोदी ने अपने भाषण में भारतीय मतदाताओं की संख्या 600 करोड़ बता डाली। पीएम ने अपने भाषण में सरकार का विजन बताते हुए कहा कि ‘भारत के छह सौ करोड़ मतदाताओं ने 2014 में तीस साल बाद पहली बार किसी एक राजनीतिक पार्टी को केंद्र में सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत दिया। हमने किसी एक वर्ग या कुछ लोगों के सीमित विकास का नहीं बल्कि सबके विकास का संकल्प लिया। मेरी सरकार का मोटो है- ‘सबका साथ सबका विकास’। प्रगति के लिए हमारा विजन समावेशी है। यह समावेशी दर्शन मेरी सरकार की हर नीति का, हर योजना का आधार है।’
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पीएमओ ने भी बिना पढ़े मोदी के इस भाषण को अपने  ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर दिया जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। हालांकि पीएमओ को जैसे ही इस गलती का एहसास हुआ इसे तुरंत हटा दिया गया लेकिन तब तक कई यूजर्स इसे रीट्वीट कर चुके थे।