शॉकिंग:गर्भधारण करने के लिये इन पत्थरों पर बैठना जरूरी

बीजिंग। औलाद की चाहत में इंसान हर तरह के जतन करता है। देवी-देवताओं के यहां मत्था टेकने से लेकर मन्नतों का सहारा लेता है और इस उम्मीद पर जीता है कि उसके घर-आंगन में भी खुशियों का आगमन होगा,लेकिन चीन में पत्थरों के जरिये महिलाओं के गर्भधारण करने के दावे किए जा रहे हैं।

पिछले कुछ समय से ऑनलाइन एक वीडिओ सामने आया है, जिसमें अतिप्राचीन पत्थरों को दिखाया गया है और इस वीडियो में यह दावा किया गया है कि इन पत्थरों की नजदीकी से गर्मधारण करनें में अक्षम महिलाएं भी गर्भधारण कर सकती है। महिलाओं को गर्भधारण करने के लिये इन पत्थरों पर बैठना जरूरी होता है।

पत्थरों से महिलाओं के गर्भवती होने का दावा-

यह पत्थर शेनडोंग प्रांत में वैयफेंग के चेंगल गांव में स्थित है। इस मामले में चेंगल गांव के एक ग्रामीण का कहना है कि यहां पर तीन लैंगिक आकार के पत्थर है और उनके आसपास कुछ छोटे आकार के पत्थर रखे हुए हैं,जिनके बारे में कहा जाता है कि वो प्राचीन समय से यहां पर स्थित है और अगर कोई गर्भधारण की समस्या से जूझ रही महिला इस लैंगिक आकार के पत्थर पर चढ़कर बैठ जाये तो वो गर्भवती हो सकती है।

कोई महिला नहीं हुई है गर्भवती –

यह पत्थर जंगल में फैले हुए हैं, लेकिन ग्रामीणों को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि यह इस जगह पर कब और कैसे आए। हालांकि इस बात के कोई साइंटिक प्रूफ नहीं है कि इस पत्थर पर बैठने से महिलाएं गर्भवती होती है और ना ही ऐसी कोई जानकारी अभी तक सामने आई है जिसमें कोई महिला इन पत्थरों पर बैठने से गर्भवती हुई हो।

पेरू में भी है फर्टिलिटी टेंपल –

यह कोई पहला मामला नहीं है जब चमत्कारी पत्थरों के जरिए महिलाओं के गर्भवती होने का दावा किया जा रहा है।इससे पहले पेरू से भी इस तरह की बातें सामने आई थी। पेरू के चुकूईटो में इंका सभ्यता के समय का एक फर्टिलिटी टेंपल है जहां पर 86 करीने से तराशे गये पत्थर रखे हुए है। दावा किया जाता है कि इन पत्थरों के संपर्क में आने से महिलाएं गर्भवती हो जाती है।

लेकिन न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित एक खबर में फर्टिलिटी टेंपल का महिलाओं के गर्भधारण से किसी भी तरह का संबंध होने से इंकार किया है और कहा है कि इस मंदिर का संबंध पुरुषों के पुरूषत्व से है। धरती के प्रारंभिक काल में जब धरती बहुत गर्म थी उस वक्त पुरुष पुरूषत्व की समस्या से पीड़ित थे। मान्यता है कि पुरुष यहां पर पुरुषत्व की कामना से आते थे। यह खुलासा इंका सभ्यता के विशेषज्ञ नेरिके मोरो ने न्यूयार्क टाइम्स से बातचीत में किया।