बिहार:13668 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला में पांच करोड़ लोग शामिल

पटना। बिहार तैयार है। रविवार को लोग दहेज और बाल विवाह जैसी कुरीतियों से लड़ने का संकल्प लिया। दोपहर 12 से 12.30 बजे के बीच स्कूली बच्चे, अभिभावक, शिक्षक, अधिकारी, मंत्री, विधायक से लेकर सूबे के आम नागरिक हाथों में हाथ थामकर विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला बनाते नजर आए। 13668 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला में करीब पांच करोड़ लोग शामिल हुए। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पटना के गांधी मैदान में गुब्‍बारा छोड़कर इसकी शुरुआत की।

मानव श्रृंखला के बाद बोले सीएम नीतीश –

मानव श्रृंखला के बाद मीडिया से मुखतिब मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बाल विवाह और दहेज के खिलाफ संकल्‍प प्रकट करने के लिए यह आयोजन हुआ। इससे लोगों के मन में उत्‍साह का माहौल बना है। बाल विवाह व दहेज के खिलाफ पहले से ही काननू हैं। लेकिन, ये कुरीतियां फैलती जा रही हैं। इसलिए हम बापू के जन्‍मदिवस दो अक्‍टूबर से निरंतर कैंपेन कर रहे हैं। यह कार्यक्रम जारी रहेगा।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि लोगों में बाल विवाह व दहेज के खिलाफ जागरूकता आ रही है। उनके संकल्‍प का प्रकटीकरण सार्वजनिक तौर पर भी होना चाहिए। इसलिए इस साल 21 जनवरी को बाल विवाह व दहेज के खिलाफ मानव श्रृंखला बनाई गई।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि ठंड के बावजूद लोगों ने हर जगह मानव श्रृंखला बनाई। पिछली बार सड़कों पर ही श्रृंखला बनाई गई थी। इस बार यह लोगों पर छोड़ा गया था। लोगों ने गांव-कस्‍बे-मोहल्‍ले में जहां चाहा श्रृंखला बनाई।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों के मन में जागृति आ रही है, यह प्रसन्‍नता की बात है। कहा कि विकास का काम चलता रहेगा। लेकिन, साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी जन-जागृति का अभियान जारी रहेगा। ऐसे सामाजिक अभियान निरंतर चलते रहने वाली चीज हैं।

मानव श्रृंखला का मुख्‍य केंद्र रहा पटना का गांधी मैदान

पटना के गांधी मैदान और बिहार को जिस पल का इंतज़ार था वह आ ही गया। गांधी मैदान में सीएम नीतीश कुमार ने गुब्‍बारा छोड़कर मानव श्रृंखला की शुरुअात की। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रशीद आदि भी थे।

पटना में जगह-जगह बनी मानव श्रृंखला

जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह हार्डिंग रोड स्थित अपने आवास के बाहर श्रृंखला में शामिल हो रहे हैं। भाजपा के प्रदेश नित्यानंद राय भाजपा कार्यालय के समक्ष मानव कतार में शामिल हैं।

पटना में मानव श्रृंखला को लेकर बड़े पैमाने पर सफाई की गई है। पटना म्‍यूजियम, जदयू नेता आरसीपी सिंह के आवास के सामने सहित जगह-जगह पानी की व्‍यवस्‍था की गई। पटना वीमेंस कॉलेज के सामने हेल्‍प कैंप लगाया गया है।

मानव श्रृंखला के दौरान पटना में सुरक्षा की कड़ी व्‍यवस्‍था की गई। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई।

इस दौरान पटना के गांधी मैदान में उत्‍सवी माहौल रहा। यहां बिहार का ही नहीं, देश का पहला महिला बैंड आकर्षण का केंद्र बना। यह बैंड (सरगम बैंड) अपने प्रदर्शन के माध्‍यम से बाल विवाह व दहेज के खिलाफ अलख जगाता रहा।

– इसके पहले घंटों पहले से ही पटना में जगह-जगह मानव श्रृंखला के लिए कतारें लगनी शुरू हो गईं थीं।

पटना के अलावा मधुबनी में मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए सड़कों पर बैंड पार्टी निकल पड़ी। मधुबनी के शिवगंगा बालिका उच्च विद्यालय, वाटसन स्‍कूल आदि में मानव श्रृंखला को लेकर उत्‍साहित छात्राएं काफी पहले से तैयारी करतीं दिखीं। स्‍काउट एंड गाइड की भी सक्रिय सहभागिता दिख रही है।

– बांका जिले में 341 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई जा रही है। इसमें साढ़े आठ लाख लोग शामिल होंगे। मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए जिसे जैसा वाहन मिला, उसपर सवार होकर निकल पड़े हैं।

– भागलपुर के तिलकामांझी चौक पर मानव श्रृंखला की तैयारी शुरू हो चुकी है।

– अन्‍य जिलों की तरह मधेपुरा में भी आयोजन पर ड्रोन कमरे से नजर रखी जा रही है। मधेपुरा में 14 ड्रोन कैमरे अलग-अलग प्रखंडों में कार्य कर रहे हैं। मधेपुरा में मानव श्रृंखला की तैयारी में गाजे-बाजे के साथ विधायक निरंजन कुमार मेहता जुटे हैं।

टूटेगा रिकॉर्ड, बनेगा नया कीर्तिमान –

जनवरी 2017 में शराबबंदी के समर्थन में बनाई गई मानव श्रृंखला 12147 किमी लंबी थी। इस श्रृंखला में करीब चार करोड़ लोगों ने शिरकत की थी। इस वर्ष सरकार ने जिलों को रूट तय करने के अधिकार दिए हैं। साथ ही निर्देश हैं कि पिछले वर्ष के रूट और मानव संख्या में कम से कम पांच फीसद की वृद्धि की जाए। सरकार का अनुमान है कि दहेज और बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ मानव श्रृंखला में साढ़े चार से पांच करोड़ लोग भाग ले रहे हैं। श्रृंखला की लंबाई 13668.67 है।

40 ड्रोन कर रहे फोटो-वीडियोग्राफी –

विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला की यादों को सहेजने के लिए सरकार 40 ड्रोन की सहायता से फोटो-वीडियोग्राफी करा रही है। प्रत्येक जिले को एक-एक ड्रोन उपलब्ध कराया गया है। श्रृंखला की सफलता के लिए सरकारी स्तर पर करीब तीन महीने पूर्व ही तैयारियां शुरू कर दी गई थी। जन-जन को दहेज-बाल विवाह के खिलाफ जागृत करने के लिए अब तक करीब 16.50 लाख नारे रचे गए हैं। इसके अलावा कला जत्था के एक सौ चौबीस कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए गांव-गांव में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागृत किया।

मुख्य सचिव स्वयं करते रहे मॉनीटरिंग –

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के बाद से मुख्यसचिव अंजनी कुमार सिंह स्वयं मानव श्रृंखला की तैयारियों की मॉनीटरिंग करते रहे। समय-समय पर जिलों के अधिकारियों के साथ उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस कर आवश्यक निर्देश दिए और तैयारियों का जायजा लिया। इधर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव भी अधिकारियों के साथ लगातार मानव श्रृंखला की तैयारियों को ले आवश्यक निर्देश देते रहे।

इस बार भी मिलेगा लिम्का बुक में स्थान –

बीते वर्ष शराबबंदी के समर्थन में बनाई गई मानव श्रृंखला को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड ने अपनी किताब में जगह दी। इस बार बनाई जा रही श्रृंखला को लिम्का रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए लिम्का के अधिकारियों को आमंत्रण दिया है। मुख्यसचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा सरकार को उम्मीद है हम इस बार मानव श्रृंखला में नया कीर्तिमान कायम करेंगे और उसे लिम्का बुक में निश्चित रूप से शामिल किया जाएगा।

12.00 से 12.30 बजे बनी मानव श्रृंखला

13668.67 किलोमीटर लंबी है मानव श्रृंखला।

साढ़े चार से पांच करोड़ लोग शामिल।

मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य गांधी मैदान में रहे उपस्थित।

दहेज और बाल विवाह कुप्रथा के खिलाफ लोगों ने लिया संकल्प।

40 ड्रोन ने की मानव श्रृंखला की फोटो-वीडियोग्राफी।