ग्रामीणों से मिलकर बोले शिवराज-टपरिया नई टूटन देंए चाए कछु हो जाये

रन्नौद शिवपुरी।  रन्नौद में आयोजित अंत्योदय मेले में शिरकत करने के बाद सीएम शिवराज सिंह आज शाम रन्नौद से तीन किमी की दूरी पर स्थित टोकन की सहरिया बस्ती में जा पहुंचे।

सुरक्षा कर्मी चौंक गए

हालांकि यहां उनका पूर्व में कोई तय कार्यक्रम नहीं था इसलिए उनके सुरक्षाकर्मी भी चौंक गए। यह बस्ती हैलीपेड के निकट ही थी। सहरिया बस्ती में पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले आदिवासियों से हाथ मिलाया और फिर कुछ सहरिया आदिवासियों को अपने बगल में तख्त पर बिठा कर उनसे बतियाना शुरु कर दिया। 

अपने सीएम को बीच पाकर खुश हुये ग्रामीण

अपने बीच प्रदेश के मुखिया को बैठा देख आदिवासी अभिभूत हो उठे। उनके साथ प्रभारी मंत्री रुस्तम सिंह और अधिकारियों का लाव लश्कर भी यहां आ डटा मगर वे सब खड़े नजर आए।

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सहरिया बस्ती में सीएम के औचक आगमन पर सहरिया क्रांति जिन्दाबाद, शिवराज सिंह जिन्दाबाद के नारों के बीच सीएम शिवराज सिंह ने जोशीले अंदाज में आदिवासियों से करीब 20 मिनिट तक उन्हीं की ठेट देहाती शैली में चर्चा की और उन्हें सरकार की मंशा से अवगत कराया।

सहरिया के लिये की कई घोषणा
उल्लेखनीय है कि कोलारस मेंं विधानसभा उप चुनाव होना है यहां बड़े पैमाने पर सहरिया आदिवासी समुदाय के मतदाता हैं, जिन्हें प्रत्येक राजनैतिक दल अपनी ओर रिंझाने में लगा हुआ है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सेसई के सहरिया सम्मेलन में आदिवासियों के लिए तमाम घोषणाऐं की थीं, तब सीएम ने एलान किया था कि प्रत्येक आदिवासी परिवार की महिला के खाते में हर माह 1000 रुपए की राशि शासन सब्जी और फलों के निमित्त जमा कराएगा।

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सहरियाओं की शैली में विस्तार से बताया
आज मुख्यमंत्री ने रन्नोद की आदिवासी बस्ती में इस बारे में सहरियाओं के बीच जाकर कहा कि आगामी 25 दिसम्बर से यह राशि आदिवासी बहनों के खातों मेंं आना शुरु हो जाएगी। सहरिया समुदाय के बीच खड़े होकर उन्होंने इस योजना के बारे में सहरियाओं की शैली में विस्तार से बताया जिस पर वहां जमकर तालियां बजीं।

पट्टे देकर जमीन का मालिक बनाया जाएगा।

सहरियाओं ने सीएम को अपने पट्टों पर दबंगों के कब्जे की शिकायत की जिस पर शिवराज सिंह ने कहा कि जो आदिवासी भाई बहन जहां रह रहे हैं उन्हें वहीं पर पट्टे देकर जमीन का मालिक बनाया जाएगा।

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गांव की भाषा मे संवाद

बड़े बड़े लोगों ने जिन सहरियाओं की जमीनों पर कब्जे कर रखे हैं उनके कब्जे हटेंगे और जमीनें आदिवासियों को मिलेंगी। इस बीच एक महिला ने कहा कि वे हमरी टपरिया टोरवे फिर रहे हैं, जिस पर सीएम ने उन्हीं की भाषा में एलान किया कि टपरिया नई टूटन देंए चाए कछु हो जाए, जो जहां रह रहा है वह जमीन उसी की होगी।
मुख्यमंत्री ने आदिवासियों को हैण्ड पम्प, नलकूप खनन कराए जाने, विद्युत व्यवस्था किए जाने का आश्वासन भी दिया।

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