नन्हे जीव की ममता- बचाई जान तो परिवार से रोज मिलने पहुंचती है गिलहरी

वेब डेस्क, साउथ कैरोलिना। किसी ने आपके साथ कुछ अच्छा किया हो तो कई इंसान की फितरत है कि उस अच्छाई को वे ज्यादा दिन याद नहीं रखते। लेकिन जानवरों के साथ ऐसा नहीं है। वे किसी की मदद, किसी के एहसान को कभी नहीं भूलते।
2009 में ब्रेन्टले हैरीसन के परिवार ने एक घायल गिलहरी के बच्चे को बचाया, उसे ठीक किया और फिर उसे आजाद कर दिया। वो गिलहरी आठ सालों से लगभग हर रोज इस परिवार से मिलने आ रही है।
साउथ कैरोलिना के इस परिवार ने उस मासूम गिलहरी को बेला नाम दिया। बेला पर एक उल्लू ने हमला कर दिया था जिससे वह बुरी तरह चोटिल हो गई। इस परिवार ने लैरी, कर्ली और मोई नाम की अपनी तीन गिलहरियों के साथ उसे भी रखा और उसकी देखभाल की।

एक साल तक यह गिलहरी इस परिवार में ही रही। जब वह ठीक हो गई तो उसे आजाद कर दिया। परिवार ने सोचा भी नहीं था कि वह लौटकर आएगी और रोज उनसे मिलेगी।

 ब्रेन्टले ने बताया जब वह वापस लौटी तो उसके बच्चे भी उसके साथ थे। उस समय उसके पैर में चोट लग गई थी और उस समय भी हमारे पास थी। बेला अब इतनी पॉपुलर हो गई है कि उसका इंस्टाग्राम पेज भी है जिस पर चार हजार से ज्यादा फॉलोअर भी है।