आया गुमनाम कॉल और बगैर दुल्हन के लौटी गई बारात

ग्वालियर। गांधी नगर में गुरुवार की रात को बाल विवाह अधिनियम के तहत एक नाबालिग लड़की की शादी को रुकवाकर डबरा से आई बारात को बगैर दुल्हन के ही वापस लौटा दिया। पुलिस ने यह कार्रवाई पुलिस कंट्रोल रूम में आए गुमनाम कॉल की सूचना के आधार पर की। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर बेटी के बालिग होने पर हाथ पीले करने की समझाइश दी। वधु पक्ष द्वारा पुलिस को उम्र के प्रमाण पत्र के संबंध में दी गई जन्मपत्री के हिसाब से दुल्हन की उम्र अभी 17 साल 3 महीने 5 दिन है। अभी उसके बालिग होने में 9 महीने शेष हैं।
पड़ाव थाने के टीआई संतोष सिंह ने बताया कि गुरुवार की रात पौने दो बजे के लगभग पुलिस कंट्रोल के माध्यम से सूचना मिली कि गांधी नगर में नाबालिग लड़की के हाथ पीले किए जा रहे हैं। 2 दिन पहले भी इस तरह की सूचना आई थी, लेकिन तस्दीक नहीं हुई थी। पुलिस रात में ही विवाह स्थल को तलाशती हुई एम-36 गांधी नगर पहुंच गई। यहां लोगों का खाना पीना चल रहा था। पुलिस का दावा है कि स्टेज के कार्यक्रम(वरमाला) की तैयारी चल रही थी।
डबरा से आई थी बारात-
सब्जी का ठेला लगाने वाले रामसिंह (परिवर्तित नाम) की बेटी से शादी करने के लिए डबरा निवासी हेमंत (24 वर्ष) पुत्र कैलाश अहरिवार की बारात आई थी। पुलिस को शादी समारोह में देखकर नाते-रिश्तेदारों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने परिजनों से वर-वधु के उम्र के प्रमाण पत्र मांगे। हेमंत के पिता ने पुलिस को बताया कि उनके पुत्र की उम्र 24 साल है और वह फर्नीचर का काम करता है।
वधु 17 साल 9 महीने की थी-
परिजनों ने सबसे पहले वधु की दूसरे क्लास की अंकसूची पुलिस को दी। जिसमें उसका जन्म 2005 का था। इस हिसाब से उसकी उम्र केवल 13 साल की थी। वधु की मां ने पुलिस को बताया कि स्कूल में दाखिला कराने के लिए उसकी उम्र मन से लिखवा दी थी। उसके बाद वधु की जन्मपत्री दी। इसमें उसका जन्म वर्ष 2001 का था।
जन्मपत्री के हिसाब से भी वधु के बालिग होने में अभी 9 माह शेष थे। वधु के बालिग होने के प्रमाण नहीं मिलने पर पुलिस शादी रुकवाकर दूल्हा-दुल्हन व उनके माता-पिता को थाने ले आई। पुलिस ने वधु पक्ष को सुबह तक बेटी के बालिग होने का प्रमाण प्रस्तुत करने का समय दिया। लेकिन वह पेश नहीं कर पाए।
लिखित में लिया कि बेटी के बालिग होने तक शादी नहीं करेंगे-
पुलिस ने वर-वधु पक्ष को समझाइश दी कि नाबालिग लड़की की शादी करना गैरकानूनी है। शादी करने पर प्रकरण दर्ज हो सकता है। दोनों पक्ष वधु के बालिग होने तक शादी नहीं करने के लिए राजी हो गए। दोनों पक्षों ने लिखित में शादी नहीं करने का आश्वासन दिया। पुलिस ने समझाइश देने के बाद दोनों पक्षों को घर भेज दिया।
दुल्हन सहमी बैठी थी थाने में, दूल्हे के चेहरे पर था गुस्सा-
दुल्हन लाल शादी के जोड़े में मां के साथ सहमी हुई बैठी थी। लेकिन दूल्हे के चेहरे पर शादी में पुलिस के दखल देने का गुस्सा साफ नजर आ रहा था। हेमंत का कहना था कि थाने आने से सब कुछ समाप्त हो गया। वधु की मां ने कहा कि शादी तो डबरा में होगी। भले ही बेटी के बालिग होने के बाद करें।
अभी शादी हुई नहीं थी, इसलिए प्रकरण दर्ज नहीं किया-
गांधी नगर में नाबालिग लड़की की शादी करने की तैयारी की जा रही थी। दोनों पक्ष समझाने पर लड़की के बालिग होने तक शादी नहीं करने के लिए मान गए। चूंकि अभी शादी हुई नहीं थी। इसलिए प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। समझाइश देकर छोड़ दिया है। संतोष सिंह, पड़ाव थाना टीआई




