पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के आरोप में पंचकूला का कोर्ट का बड़ा फैसला,गुरमीत राम रहीम को मरते दम तक रहेंगे जेल में,साथ ही 50 हजार का जुर्माना

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के आरोप में पंचकूला का कोर्ट का बड़ा फैसला,गुरमीत राम रहीम को मरते दम तक रहेंगे जेल में,साथ ही 50 हजार का जुर्माना

चंडीगढ़। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में दोषी गुरमीत राम रहीम सहित अन्य को सजा सुना दी गई है। पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने दोषी राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई। जज जगदीप सिंह कोर्ट में सजा पर बहस पूरी हो होने के बाद शाम करीब 6.25 बजे पर सजा का ऐलान किया। चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
कोर्ट ने उसे मरते दम तक जेल में रहने की सजा दी है। इसके साथ ही उस पर 50 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। राम रहीम के अलावा तीन दोषियों को भी उम्रकैद की सज़ा दी गई हैं।

न्यायपालिका के इतिहास में पहला मौका था जब अपराधियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सजा सुनाई गई। हरियाणा सरकार की याचिका को स्वीकार करते हुए सीबीआई कोर्ट ने यह फैसला दिया है।
इससे पहले बचाव पक्ष और सीबीआइ के वकीलों के बीच सजा को लेकर बहस हुई। सीबीआइ के वकील ने गुरमीत राम रहीम के लिए फांसी की सजा मांगी। बचाव पक्ष के वकील ने रहम की गुहार लगाई।

इस दौरान वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से पेश हो रहा गुरमीत राम रहीम हाथ जोड़े खड़ा रहा। सुनवाई के दौरान रामचंद्र छत्रपति के परिवार ने मुआवजा देने की मांग उठाई। सरकारी पक्ष की ओर से डेरा मुखी राम रहीम को दी गई सुरक्षा में हुए खर्च का मुआवजा भी कोर्ट में मांगा गया।

सीबीआइ के वकील ने विशेष जज के सामने अपनी दलील में कहा कि राम रहीम को फांसी की सजा दी जाए। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने कम से कम सजा देने के लिए गुहार लगाई। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट में सुनवाई में दोनों पक्षों की सज़ा पर बहस हुई पूरी।
राम रहीम के वकील ने उसके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों का दिया गया हवाला। बहस के बाद सभी पक्ष कोर्ट से बाहर आ गए और जज फैसला लिखवाना शुरू किया।
फैसला लिखवाने के बाद विशेष सीबीआई जज जगदीप सिंह द्वारा सज़ा का एेलान किया। इससे पहले वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के दौरान स्क्रीन पर चारों दोषियों को लाकर सुनवाई हुई। अदालत में गुरमीत सहित सभी दोषियों की वीडियो काॅन्‍फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया।

साध्वी यौन शोषण मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम व तीन अन्य को सीबीआई की अदालत ने 11 जनवरी को दोषी करार दिया था। इस समय रोहतक की सुनारिया जेल में बंद गुरमीत व अंबाला जेल में बंद अन्य दोषी कृष्ण लाल, निर्मल सिंह व कुलदीप सिंह को 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
नियमानुसार किसी भी अपराधी को सजा सुनाते समय जज व अपराधी का आमने-सामने होना अनिवार्य है, लेकिन हरियाणा सरकार की तरफ से पंचकूला के जिला अटार्नी ने सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर कर कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए इस प्रक्रिया में बदलाव की गुहार लगाई थी।
सुनवाई के दौरान जिला अटार्नी ने कहा कि चारों अपराधियों को सजा सुनाते समय पंचकूला पेश करने में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। अंबाला जेल में बंद तीन अपराधियों को अगर रोहतक लेकर जाते हैं तो वह भी जोखिम भरा कार्य है।
सरकार ने 27 अगस्त 2017 को हुई हिंसा का हवाला देते हुए सभी अपराधियों को उन्हीं की जेलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही सजा सुनाने की अपील की, जिसे सीबीआई कोर्ट ने स्वीकार करते हुए कहा कि 17 जनवरी को सभी अपराधियों को उन्हीं की जेलों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनाई जाएगी। इसके लिए अंबाला व रोहतक जेलों में प्रबंध करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

*पत्रकार के बेटे अंशुल ने की थी ये मांग*
रामचंद्र छत्रपति के हत्यारों को सजा दिलवाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ने वाले उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने अदालत के फैसले से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि अदालत ने राम रहीम व अन्यों को दोषी करार देकर सम्मानीय निर्णय दिया है।