मध्यप्रदेश कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी, जानिये क्या हुए फैसले

भोपाल। भोपाल गैस पीड़ित व उनके बच्चों के लिए लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यह फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को विधानसभा के समिति कक्ष में कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इसके अलावा भोपाल व इंदौर शहर में मेट्रो रेल परियोजना के लिए महानगर क्षेत्र (मेट्रोपॉलिटन एरिया) गठित करने का प्रस्ताव कैबिनेट ने टाल दिया। बैठक में प्रस्ताव पर आगे विचार करने के लिए कहा गया। इसी तरह सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारणी की 830 मेगावॉट क्षमता की दो इकाईयों को बंद करने का प्रस्ताव भी निरस्त कर दिया गया।

फैसलों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि भोपाल गैस पीड़ित और उनके बच्चों के लिवर ट्रांसप्लांट राज्य के अंदर या बाहर कराए जाएंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के सरकारी अस्पताल से प्राप्त प्राक्कलन के आधार पर राशि स्वीकृत की जाएगी। किडनी ट्रांसप्लांट स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य बीमारी सहायता निधि में स्वीकृत पैकेज पर आधारित होगा। बैठक में तिलहन संघ के 11 कर्मचारियों का स्वास्थ्य विभाग में संविलियन का फैसला किया गया। आदिवासी अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने 50 शैक्षणिक संस्थाओं को सेटेलाइट इंटरेक्टिव टर्मिनल केंद्र बनाया गया है। यह योजना 2020 तक जारी रहेगी।

यह फैसले भी हुए

– जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए संचालित ऐच्छिक संस्थाओं को अनुदान सहायता योजना 2020 तक चलती रहेगी। इसके लिए 124 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई।

– उत्कृष्ट शिक्षा केंद्रों की स्थापना के लिए 34 करोड़ 78 लाख, जनजातीय छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा देने 987 करोड़ रुपए की मंजूरी 2020 तक के लिए दी गई।

– नेतृत्व विकास शिविर योजना भी 2019-20 तक जारी रहेगी। इसके लिए दो करोड़ रुपए मंजूर किए गए।

– कक्षा एक से आठवीं तक छात्रवृत्ति योजना, कोचिंग योजना, सिविल सेवा प्रोत्साहन और महर्षि वाल्मिकी प्रोत्साहन योजना भी निरंतर रखी जाएंगी।

– उच्च शिक्षा ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को मंजूरी दी गई तो पशुपालन विभाग की योजनाओं को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया।

क्या है मेट्रोपॉलिटन एरिया

मेट्रो एक्ट के तहत मेट्रोपॉलिटन एरिया गठित करना जरूरी है। इसके बिना मेट्रो ट्रेन नहीं चलाई जा सकती है। केंद्र सरकार भी इसके आधार पर ही आर्थिक मदद देती है। नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एरिया गठित होने के बाद डीपीआर प्रोजेक्ट के टेंडर होंगे। मेट्रोपॉलिटन एरिया में दोनों शहरों के आसपास के निकायों को भी शामिल किया जाएगा। मेट्रोपॉलिटन एरिया के आसपास के क्षेत्रों का प्लान भी मेट्रो की लाइन के हिसाब से बनेगा। सब स्टेशन और व्यापारिक जोन सबसे पहले विकसित किए जाएंगे।

सूत्रों का कहना है कि इंदौर में महू और राऊ का क्षेत्र मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल होगा तो भोपाल में औबेदुल्लागंज, गौहरगंज, मंडीदीप और रायसेन व सीहोर के कुछ हिस्से भी शामिल हो सकते हैं। मेट्रोपॉलिटन एरिया गठित होने के बाद इसमें शामिल क्षेत्रों का विकास मेट्रो शहरों की तरह होगा।

बीमार पशुओं के लिए 1962 पर लगाएं फोन

बीमार पशुओं को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने सरकार ने पशुधन संजीवनी कॉल सेंटर सेवा शुरू की है। इसका टोल फ्री नंबर 1962 है। देवास (कन्नौद व बागली) और रायसेन (औबेदुल्लागंज व बाड़ी) के दो-दो ब्लॉक में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह सेवा शुरू की गई थी। इसमें कॉल करने पर शिकायत दर्ज कर क्षेत्र के पशु चिकित्सक को दी जाती है, जिससे वो पशुपालक के पास पहुंचकर इलाज करता है। इसके माध्यम से 721 पशुओं की जान और पशुपालकों को 2.52 करोड़ रुपए के आर्थिक नुकसान से बचाया जा सका है। इसे देखते हुए इस सेवा को 20 अप्रैल से दस जिलों में लागू करने का फैसला किया गया है। 15 अगस्त से सभी जिले इस सेवा से जुड़ेंगे। योजना के लिए पशुपालन विभाग और भारत फाइनेंशियल इनक्लूजन लिमिटेड के साथ करार भी हो गया है।