इंदौर से साइकिल से 40 घंटे में तय की 600 किमी की दूरी

इंदौर। इंदौर से रतलाम, रतलाम से राऊ, वहां से सीहोर और फिर सीहोर से इंदौर तक की कुल 600 किमी की दूरी को शहर के 8 साइकलिस्टों ने 40 घंटे में पूरा कर लोगों को फिटनेस का नया मंत्र दिया है। हाल ही में इंदौर रेंडोनियर क्लब द्वारा इस साइकलिंग का आयोजन किया गया। इसमें शहर के 9 साइकलिस्टों ने भाग लिया। इनमें से 8 ने यह टारगेट तय वक्त में पूरा किया। 24 फरवरी की सुबह 6 बजे शुरू हुई इस साइकलिंग का समापन 25 फरवरी की रात 10 बजे हुआ।

इसमें साइकलिस्ट भारती बड़ोदिया ने 38 घंटे 30 मिनट में ही यह टारगेट पूरा कर उस फेहरिस्त में अपना नाम दर्ज करवा लिया, जिसमें अभी तक शहर की एक भी महिला शामिल नहीं थी। इसके अलावा शहर के डॉ.राजू केसवानी और ब्रजभूषण शुक्ला ने 33 घंटे से भी कम वक्त में यह दूरी तय कर सुपर रेंडोनियर की लिस्ट में नाम दर्ज करा लिया। इन साइकलिस्टों के अलावा डॉ. आरबी सिंह, लोकेश त्रिवेदी, मनोज मिश्रा, पारस जैन व रघुनंदन पांडा ने भी 40 घंटे में 600 किमी की दूरी तय की।

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चार बार पंक्चर हुई साइकल

2015 से साइकलिंग कर रहीं भारती बड़ोदिया बताती हैं कि उनका लक्ष्य तय वक्त में दूरी तय करना था। मंजिल की ओर बढ़ने से पहले ही रुकावटें उनके सामने आने लगीं। शुरुआत में ही साइकल का पहिया पंक्चर हो गया। यह सिलसिला लगातार जारी रहा। हर बार मुझे ही उसे दुरुस्त करना पड़ा। इसमें काफी समय बर्बाद हुआ, लेकिन उस समय की भरपाई करते हुए मैंने अपनी गति पर ध्यान दिया और साइकलिंग करती रही। इस पूरे सफर में मैंने 25 मिनट की ही नींद ली।

मौसम बनता रहा बाधक

55 वर्षीय डॉ. राजू केसवानी को इस आयोजन के बाद फिर से सुपर रेंडोनियर का तमगा हासिल हो गया है। डॉ. केसवानी बताते हैं कि उन्होंने 33 घंटे से भी कम वक्त में यह ट्रैक पार कर लिया था। इस सफर में सबसे ज्यादा परेशानी मौसम की बेरुखी रही। दिन में तेज गर्मी और रात को तेज सर्दी साइकलिस्टों के लिए परेशानी की वजह बन रही थी। इसके अलावा बदनावर से रतलाम के बीच उतार-चढ़ाव वाला रास्ता भी परेशान कर रहा था।

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हर रोज 50 किमी की साइकलिंग

ब्रजभूषण शुक्ला ने भी पहली बार 600 किमी की साइकलिंग की और 33 घंटे से भी कम वक्त में यह दूरी तय कर ली। वे बताते हैं कि उनका टारगेट 30 घंटे का था, लेकिन सफर के साथी साइकलिस्टों के साथ ही चलने के कारण उम्मीद से थोड़ा ज्यादा वक्त लग गया। 38 वर्षीय शुक्ला बताते हैं कि वे रोजाना 40 से 50 किमी साइकलिंग करते हैं, इसलिए इस ट्रैक पर ज्यादा परेशानी नहीं आई। पहली बार सुपर रेंडोनियर बनने की खुशी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।

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