हार्दिक ने उठाए EVM हैकिंग पर सवाल, आयोग ने कहा- आरोपों में दम नहीं है

गांधीनगरः गुजरात विधानसभा चुनाव की मतगणना से एक दिन पहले पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता हार्दिक पटेल ने इवीएम की हैकिंग का आरोप लगाया जबकि चुनाव आयोग ने साफ तौर पर कहा कि इनकी हैकिंग संभव ही नहीं। वहीं, इससे पहले अहमदाबाद जिला प्रशासन ने भी हार्दिक के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

चुनाव के दौरान सत्तारूढ भाजपा का खुलेआम विरोध और कांग्रेस का समर्थन करने वाले हार्दिक ने रविवार को एक बार फिर ट्विटर पर लिखा, ‘मेरी बातों पर सिर्फ हंसी आएगी लेकिन विचार कोई नहीं करेगा। भगवान के द्वारा बनाए हमारे शरीर में छेड़छाड़ हो सकती है तो मानव के द्वारा बनाई गई इवीएम मशीन में क्यों छेड़छाड़ नहीं हो सकती !! ATM हेक हो सकते है तो EVM क्यूँ नहीं !!!

उधर गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीबी स्वेन ने रविवार को पत्रकारों से कहा कि वह हार्दिक अथवा किसी अन्य व्यक्ति विशेष की बात पर टिप्पणी नहीं कर सकते पर यह आश्वासन देते हैं कि मतगणना पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से होगी। ईवीएम में किसी तरह हैकिंग संभव ही नहीं है। अहमदाबाद की कलेक्टर अवंतिका सिंह ने कहा, ‘ये आधारहीन आरोप हैं, मैं नहीं समझती हूं कि किसी सफाई की जरूरत हूं, क्योंकि इन आरोपों में दम नहीं है।

इससे पहले चुनाव के दौरान भी ईवीएम से ब्लूटूथ के जुडऩे की बात तथ्यहीन पाई गई थी। हार्दिक ने एक अन्य ट्वीट में आरोप लगाया कि विसनगर,पाटन,राधनपुर (अल्पेश पटेल की सीट), टंकारा,ऊंझा, वाव (मंत्री शंकर चौधरी की सीट),जेतपुर,राजकोट-68, 69 (मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सीट), 70,लाठी बाबरा, छोटाउदेपुर, संतरामपुर, सावली, मांगरोल, मोरवाहडफ़, नादोद, राजपीपला, डभोई और खास कर पटेल और आदिवासी इलाके की विधानसभा क्षेत्र में इवीएम सोर्स कोर्ड से हेकिंग करने का प्रयास हुआ हैं।’

इससे पहले कल देर रात एक ट्वीट में उन्होंने आरोप लगाया था कि अहमदाबाद की एक कंपनी के द्वारा 140 सॉफ्टवेयर इंजिनियर के हाथों से 5000 ईवीएम मशीन के सोर्स कोर्ड से हेकिंग करने की तैयारी की गयी हैं। उन्होंने इससे पहले यह भी आरोप लगाया था कि भाजपा इवीएम में गड़बड़ी कर गुजरात में जीत हासिल करेगी और जानबूझ कर हिमाचल में हारेगी ताकि किसी को संदेह न हो।