सूरत में बोले PM मोदी- 10 साल में दुनिया के “टॉप-10” शहरों में सभी भारत के होंगे

सूरत। आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 71वीं पुण्यतिथि है, इस अवसर पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं, यहां पर वह दांडी यात्रा की याद में बनाए गए दांडी स्मारक का लोकार्पण करेंगे। दांडी जाने से पहले प्रधानमंत्री ने सूरत में विनस अस्पताल का उद्घाटन किया और एयरपोर्ट के टर्मिनल की नींव रखी। सूरत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकार ने सिर्फ 25 लाख मकान बनाए, लेकिन हमारी सरकार ने काफी कम समय में 1 करोड़ से अधिक घर बनवाए हैं। उन्होंने दावा कि मेरे जितना काम करने में पिछली सरकार को 25 साल लग जाते।

पीएम मोदी ने कहा, ‘एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले 10 साल में दुनिया के टॉप-10 शहरों में सभी हिंदुस्तान के होंगे। सबसे टॉप पर सूरत है। आने वाला समय सूरत का है। भारत के शहरों का है। सूरत सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया के आर्थिक गतिविधियों का सेंटर होगा। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इन शहरों को वर्तमान के साथ-साथ भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। हमें यहां की शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ लोगों की मानसिकता को भी बदलनी है।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘सूरत का यह एयरपोर्ट गुजरात का तीसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट बन गया है। नए टर्मिनल के बढ़ने से 1200 डोमेस्टिक और 600 विदेशी यात्रियों को हैंडल किया जा सकेगा। भविष्य में एयरपोर्ट की क्षमता 4 लाख 26 हजार से ज्यादा यात्रियों की हो जाएगी। व्यापारियों के भी समय की बचत होगी। यहां से शारजहा के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट जाएगी। शुरुआत में दो दिन फिर मार्च से चार दिन फ्लाइट जाएंगी। सरकार हवाई कनेक्टिविटी से पूरे देश को जोड़ने का काम कर रही है।

मोदी के मुताबिक, ‘सीवर, पानी, फ्लाईओवर, शिक्षा, मकान की योजनाओं पर फोकस किया जा रहा है।‘साल 2014 में देश में पासपोर्ट केंद्रों की कुल संख्या 80 थी। इतने बड़े देश की कितनी बड़ी जनसंख्या है, लेकिन आजादी के 60-65 साल के बाद भी 80 ही केंद्र थे। पिछले 4 साल में हमने इस आंकड़े को 400 पार करा दिया। बड़ा सोचना, ज्यादा करना, अच्छे ढंग से और समय पर करना है। उन्‍होंने आगे कहा कि ‘कुछ लोग सवाल पूछते हैं कि नोटबंदी से क्या फायदा हुआ? यह सवाल मध्यम वर्ग और युवाओं से पूछना चाहिए। इससे घर बनाने में पैसे कम लगे। उन्हें फायदा हुआ। रियल स्टेट वालों की लूट से बच गए। गरीब लोगों की कमाई हाउसिंग प्रोजेक्ट में नहीं फंसनी चाहिए।’