केरल पर सरकार की पूरी नजर, मदद के लिये सेना अलर्ट

चेन्नई। सेना ने ओखी चक्रवात के चलते समुद्र में फंसे 357 मछुआरों को रविवार सुबह सुरक्षित निकाल लिया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ट्वीट कर यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वायुसेना, नौसेना और तट रक्षक कर्मियों ने इन मछुआरों को बचाया। इनमें केरल के 248, तमिलनाडु के 71 और लक्षद्वीप के 38 मछुआरे शामिल हैं।

सीतारमण हालात का जायजा लेने के लिए चक्रवात से प्रभावित कन्याकुमारी का दौरा करेंगी। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर से तट रक्षक के दो जहाज, दो विमान और एक हेलीकॉप्टर तमिलनाडु के मछुआरों की खोज और बचाव कार्य में लगाए गए।

केरल में 7 जहाज

इसी तरह उसने केरल में सात और लक्षद्वीप में एक जहाज लगाए। जबकि नौसेना ने केरल में छह जहाज, दो विमान और दो हेलीकॉप्टर तैनात किए।

वायुसेना ने तमिलनाडु और केरल में बचाव कार्य के लिए एक विमान और दो हेलीकॉप्टर लगाए। शनिवार को तट रक्षक ने तमिलनाडु में एक जहाज और एक विमान तैनात किए।

उसने केरल में आठ जहाज, दो विमान और एक हेलीकॉप्टर तैनात किए। नौसेना ने केरल में आठ जहाज, दो विमान और चार हेलीकॉप्टर तैनात किए।

इस बीच केरल के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों और उनके परिजनों ने राज्य सरकार पर बचाव कार्य में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। लोगों ने अलप्पुझा और चेल्लानम समेत कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किए।

321 मछुआरे महाराष्ट्र पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि चक्रवात के चलते समुद्र में फंसे 28 नावों पर सवार 321 मछुआरे रविवार को महाराष्ट्र के रत्नागिरि तट पर सुरक्षित पहुंचे।

इनमें 23 नाव तमिलनाडु, तीन केरल और दो कर्नाटक की हैं। राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं होगा केंद्र सरकार ने कहा है कि चक्रवात ओखी को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया जा सकता।

लेकिन हालात से निपटने के लिए सभी जरूरी सहायता देने का आश्वासन दिया।

केंद्रीय मंत्री कन्ननथनम अल्फोंस ने तिरुअनंतपुरम में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा कि केंद्र राज्य सरकार को पहले ही राहत राशि दे चुका है।