वेतन भोगी कर्मचारी ने नौकरी से हटाने पर खुद को आग लगाई

ग्वालियर। ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को जब नौकरी से हटाने की जानकारी मिली तो वह डिप्रेशन में आ गया. इस युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. गंभीर हालत में उसे दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना के विरोध में विश्वविद्यालय के कर्मचारी यूनियन और छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया.

इस दौरान पुलिस और जिला प्रशासन के अफसर विद्यालय पहुंच गए. बाद में सभी पक्षों को बुलाकर बैठक की गई जिसमें तय किया गया कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी अरुण परिहार के इलाज का पूरा खर्चा विश्वविद्यालय प्रशासन उठाएगा. साथ ही 175 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों हाजिरी रजिस्टर पर नियमित हस्ताक्षर लिए जाएंगे.

अरुण परिहार कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में विश्वविद्यालय में पिछले 5 सालों से पदस्थ था लेकिन उसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने 1 जून को सेवा से पृथक कर दिया था. कर्मचारियों ने इसको लेकर विद्यालय प्रबंधन पर अपना निर्णय वापस लेने के लिए दबाव बनाया था लेकिन विश्वविद्यालय ने इस पर कोई फैसला नहीं किया. नतीजतन डिप्रेशन में आए अरुण में बीती रात कमरे में बंद करके खुद को आग लगा ली. उसे तड़के दिल्ली रेफर किया गया. जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों की मौजूदगी में आंदोलन कर रहे लोगों से बातचीत की गई जिसमें अरुण के परिवार की हर संभव मदद करने का भरोसा दिया गया है.