रेलवे बना पैडमैन, यात्री महिलाओं को सस्ती दरों पर मिलेगी सेनेटरी नैपकिन

मनोरंजन। अक्षय कुमार की फिल्म ‘पैडमैन’ और समाज में आए बदलाव के बाद लोग पीरियड्स और सैनेटरी नैपकिन जैसे मुद्दों पर खुलकर बात कर रहे हैं. रेलवे भी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाते हुए महिलाओं की सहूलियत के लिए नई दिशा में आगे बढ़ा रहा है.

भारतीय रेल यात्रा करने वाली महिलाओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए, रेलवे स्टेशनों पर सस्ती सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराएगा. इसकी शुरुआत अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर रेलवे में की गई है. रेलवे स्टेशन वेटिंग रूम, टॉयलेट और रेलवे के दफ्तरों से इसकी शुरुआत की गई है. रेलवे में महिलाओं के लिए सस्ते दरों पर सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराने के लिए डिस्पेंसर लगाए जा रहे हैं. इस डिस्पेंसर से महज 5 रुपये की कीमत पर 1 सैनिटरी नैपकिन हासिल की जा सकती है. फिलहाल ये सुविधा नई दिल्ली, हजरत निज़ामुद्दीन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, उत्तर रेलवे के मुख्यालय और रेल भवन से की गई है. इन नैपकिन का उत्पादन खुद रेलवे का महिला वेलफेयर संगठन कर रहा है.

खास बात ये है कि रेल मंत्री ने भी इसे जल्द से जल्द देश भर के सभी स्टेशनों तक पहुचाने की बात की ही साथ ही इसकी कीमत को और कम करने के उपायों को भी ढूंढा जा रहा है. इसके अलावा रेलवे ने उपयोग के बाद भी इस तरह के नैपकिन को डकंपोस करने की मशीन भी लगाई है ताकि कूड़े को साफ करने की परेशानी से बचा जा सके.

 एनआरडब्लूडब्लूओ की अध्यक्ष डॉ अनिता चौबे का कहना है, “महिला स्वास्थ्य के लिहाज से सैनिटरी नैपकिन को बेहद जरूरी माना जाता है. रेलवे की योजना है कि कम कीमत की इस सैनिटरी नैपकिन को देशभर के सभी 8 हज़ार रेलवे स्टेशनों पर मुहैया कराया जाए. रेलवे महिला कल्याण संगठन ने इसके उत्पादन के लिए पहली यूनिट दिल्ली के सरोजनी नगर में लगाई है. जल्द ही इस तरह की यूनिट रेलवे के हर ज़ोन तक में लगाई जाएगी.”