नहीं होगा मोबाइल नम्बर 13 अंको का, यह है सच्चाई

गैजेट डेस्क। सोशल मीडिया पर बुधवार सुबह से ही मोबाइल नंबर के डिजिट बढ़ने की खबर वायरल हो रही है. इस खबर में बीएसएनल की चिट्ठी के हवाले से बताया जा रहा है कि सभी ग्राहकों के मोबाइल नंबर अब 10 की बजाय 13 अंकों के होने जा रहे हैं. फेसबुक, टि्वटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल रही अफवाहों में कहा जा रहा है कि 1 जुलाई से मिलने वाले सभी नए नंबर 13 अंकों के होंगे. इसके अलावा 1 अक्टूबर 2018 से सभी ग्राहकों का 10 अंकों वाला मोबाइल नंबर 13 अंकों में तब्दील हो जाएगा.  इस काम को 31 दिसंबर 2018 तक पूरी करने की बात कही जा रही है.

पड़ताल में यह बात सामने आई कि यह बात पूरी तरह से अफवाह है।  बीएसएनएल के एजीएम महेंद्र सिंह से इस संबंध में बातचीत की. उन्होंने बताया कि आम लोगों के मोबाइल नंबरों पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ने वाला है. यह पूरी तरह से अफवाह है कि यूजर्स के मोबाइल नंबर 13 डिजिट के होने जा रहे हैं. टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है

महेंद्र सिंह ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) ने देश में सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को एक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. DoT ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स से सभी M2M कस्टमर्स (मशीन-टू-मशीन कस्टमर्स) को 13 डिजिट (13 अंकों वाले) के मोबाइल नंबर जारी करने को कहा है. मौजूदा M2M कस्टमर्स के नंबर 1 अक्टूबर 2018 से 13 डिजिट में पोर्ट होंगे. यानी, उन्हें 13 डिजिट वाला नंबर दिया जाएगा. इसे पूरा करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2018 होगी. बीएसएनएल के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया है, ‘इस संबंध में डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने 8 जनवरी 2018 को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

बीएसएनएल ने बताया है, ‘यह फैसला लिया गया है कि 1 जुलाई 2018 से 13 डिजिट M2M नंबरिंग (मशीन-टू-मशीन नंबरिंग) प्लान लागू होगा. इस तारीख के बाद से सभी नए M2M मोबाइल कनेक्शंस को 13 डिजिट के नंबर दिए जाएंगे. वहीं, मौजूदा 10 डिजिट M2M नंबर्स का माइग्रेशन 1 अक्टूबर 2018 से शुरू होगा और यह 31 दिसंबर 2018 तक पूरा कर लिया जाएगा.’ यानी यह दिशा-निर्देश M2M नंबर के लिए जारी हुआ है न की यूजर्स के मोबाइल नंबर्स के लिए।