गुजरात परिणामों पर लगी है चीन की नज़र कारण जान कर दंग रह जाएंगे आप

बीजिंगः भारत की राह में बार-बार रोड़े अटकाने वाला चीन एक तरफ डोकलाम मुद्दे पर भारत को धमकाता है तो चाबहार को वो अपने आर्थिक विकास में रुकावट समझता है  जबकि दूसरे देशों में अपने निवेश को वो न्यायोचित करार देता है।  लेकिन अब चीन की नजर गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों पर टिकी है।  इसकी वजह भारत का कोई हित नहीं बल्कि चीन का अपना स्वार्थ है ।  गुजरात चुनाव के नतीजों से उत्पन्न होने वाले राजनीतिक  प्रभाव से चीन को कोई  दिलचस्पी नहीं है । लेकिन चीन को लगता है कि गुजरात में भाजपा की जीत और हार  का असर चीन की आर्थिकता पर पड़ेगा।

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mandihalchalचीनी जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सुधारों का भारत के विपक्षी दल जमकर विरोध करते रहे हैं। जीएसटी  अमल में आने के बाद हिमाचल और गुजरात में चुनाव हुए हैं। गुजरात में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने जीएसटी के क्रियान्वयन को लेकर विरोध किया था। चीनी जानकारों का कहना है कि अगर गुजरात में भाजपा को जीत हासिल होती है तो इसका सीधा अर्थ है कि जीएसटी को लेकर विपक्षी दल का हल्ला निराधार था।

भारजपा की हार-जीत को लेकर चिंता हाल के वर्षों में चीन द्वारा भारत में किया निवेश   है। दरअसल चीन के लिए भारत एक बड़ा डेस्टिनेशन है। 2016 में निवेश की दर उससे पूर्व के वर्षों से कई गुना ज्यादा है। मोबाइल कंपनियों शाओमी और ओप्पों ने भारतीय बाजार के एक बड़े हिस्से को अपने कब्जे में कर रखा है। चीन को लगता है कि अगर गुजरात में भाजपा को शानदार कामयाबी मिलती है तो मोदी सरकार आर्थिक सुधार के एजेंडे पर और तेजी से आगे बढ़ेगी। लेकिन भाजपा के हाथ से गुजरात फिसलने के बाद मोदी सरकार द्वारा आर्थिक सुधार की प्रक्रिया में रुकावट पैदा होगी जिसका असर चीनी कंपनियों को उठाना पड़ेगा।

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