भारतीय नौसेना को मिला पहला स्वदेशी मल्टी-पर्पज जहाज INS Samarthak, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि

भारतीय नौसेना को मिला पहला स्वदेशी मल्टी-पर्पज जहाज INS Samarthak, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026 | मंडी हलचल

भारत की रक्षा क्षमता और स्वदेशी जहाज निर्माण को मजबूती देने की दिशा में भारतीय नौसेना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के कारवार में भारत के पहले स्वदेशी मल्टी-पर्पज वेसल INS Samarthak को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मौजूद रहे।

75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री

सरकारी जानकारी के अनुसार, INS Samarthak में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शिपयार्ड में किया गया है। यह जहाज भारत की घरेलू जहाज निर्माण क्षमता और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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आधुनिक रक्षा तकनीक के परीक्षण में मिलेगी मदद

INS Samarthak का उपयोग अगली पीढ़ी के हथियारों, सेंसर और मानवरहित प्रणालियों के परीक्षण में सहायता के लिए किया जाएगा। इससे भारतीय नौसेना की तकनीकी क्षमताओं को विकसित करने और स्वदेशी रक्षा तकनीक को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आत्मनिर्भर भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

स्वदेशी रक्षा उपकरणों और जहाजों का निर्माण भारत की विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। INS Samarthak का नौसेना में शामिल होना देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र में निजी उद्योग की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है।

निष्कर्ष: INS Samarthak भारतीय नौसेना की तकनीकी क्षमता और स्वदेशी रक्षा निर्माण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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स्रोत: भारत सरकार का प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), रक्षा मंत्रालय एवं उपराष्ट्रपति सचिवालय की 16 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति।

नोट: यह समाचार सरकारी विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है।

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