INS कलवरी में है ऐसी खूबियां की दुश्मन भी कांप जाएगा

मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी कलवरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया। कलवरी को नौसेना में शामिल करने के लिए आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा और अन्य शीर्ष रक्षा अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कलवरी ‘मेक इन इंडिया’ का एक शानदार उदाहरण है और यह नौसेना की ताकत बढ़ाएगी। इस पनडुब्बी का नाम हिंद महासागर में गहरे पानी में पाई जाने वाली खतरनाक ‘टाइगर शार्क’ पर कलवरी रखा गया है। समारोह से पहले एक अधिकारी ने बताया कि इस पनडुब्बी के, गहरे पानी में 120 दिन तक गहन समुद्री परीक्षण हुए हैं।

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स्कार्पीन क्लास की इस पहली पनडुब्बी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से इसकी मारक क्षमता काफी बढ़ गई है और इसे दुनिया में बेहतर माना जा रहा है। इसे मझगांव डॉक लिमिटेड ने बनाया है।

इस पनडुब्बी की खासियतें जानकार आप हैरान हो जाएंगे। इसे समंदर में भारत का ‘नया शार्क’ कहा जा रहा है।

– आईएनएस कलवरी डीजल-इलेक्ट्रिक मोटर के दम पर चलती है और जैसे समंदर में शार्क अपने शिकार को बिना खबर लगे दबोच लेते ही। वैसे ही समुद्र के अंदर गहरे जाने वाली ये पनडुब्बी बिना शोर किए दुश्मन को तबाह करने की ताकत रखती है।

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– आईएनएस कलवरी की कुल लंबाई 67.5 मीटर है, वहीं उसकी ऊंचाई 12 मीटर से ज्यादा है।

– आईएनएस कलवरी को DCNS( French Naval Defence And Energy Company) ने मझगांव डॉक लिमिटेड के साथ मिलकर तैयार किया है।

– पानी की अंदर इसकी ताकत को देखते हुए ही इसे कलवरी नाम दिया गया है। जिसे मलयालम में टाइगर शार्क कहा जाता है। पानी के भीतर इसकी तेजी, हमला करने की क्षमता गजब की है। कलवरी का ध्येय वाक्य है ‘हमेशा आगे’, जो ये बताने के लिए काफी है, इसे किस सोच के साथ तैयार किया गया है।

– भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली 6 स्कार्पीन क्लास पनडुब्बी में से ये पहली है।

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– भारत की दूसरी पनडुब्बियों से आईएनएस कलवरी कम शोर करती है और ये उन्नत तकनीक से लैस है।

– कलवरी में इंफ्रारेड और कम रोशनी में काम करने वाले कैमरे लगे हैं, जो समुद्र की सतह पर दुश्मन के जहाज को पकड़ने में माहिर हैं-

– आईएनएस कलवरी में दुश्मन को खोजने और उस पर हमला करने वाला पेरीस्कोप लगा है।

– कलवरी में एंटी- शिप मिसाइल और लंबी दूरी तर मार करने वाले टॉरपीडो भी लगे हुए हैं।

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