शिवपुरी में 20 नवंबर तक चलेगा नरवाई मुक्त अभियान, पराली जलाने पर रोक के लिए गांव-गांव पहुंचेगा कृषि विभाग
20 नवंबर तक चलेगा नरवाई मुक्त मध्यप्रदेश अभियान, शिवपुरी में किसानों को किया जा रहा जागरूक

शिवपुरी। खेतों में पराली और नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए शिवपुरी जिले में नरवाई मुक्त मध्यप्रदेश अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेशव्यापी यह अभियान 20 नवंबर 2026 तक संचालित होगा। इसके तहत कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र की टीमें गांव-गांव पहुंचकर किसानों को नरवाई नहीं जलाने और फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए जागरूक कर रही हैं।
अभियान का उद्देश्य पराली और नरवाई जलाने की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करना या न्यूनतम स्तर पर लाना है। इसके लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों में जागरूकता कार्यक्रम, किसान शिविर और बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
गांव-गांव पहुंच रहा कृषि विभाग का अमला
कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी और उपसंचालक कृषि कार्यालय के साथ शिवपुरी, पोहरी, नरवर, कोलारस, बदरवास और पिछोर सहित सभी विकासखंडों में अभियान की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मैदानी अमले द्वारा गांवों में घर-घर जाकर किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है।
उपसंचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य के अनुसार, किसानों को बताया जा रहा है कि खेतों में पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होने के साथ जमीन में मौजूद मित्र कीट भी नष्ट होते हैं। इसके अलावा आग फैलने से जान-माल के नुकसान का खतरा भी बना रहता है।
आधुनिक कृषि यंत्रों से होगा नरवाई का प्रबंधन
किसानों को नरवाई जलाने के बजाय फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रोटोकल्टीवेटर, वेलर और मल्चर जैसे कृषि यंत्रों का खेतों में प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जा रहा है।
कृषि विभाग का प्रयास है कि किसान इन तकनीकों को अपनाकर नरवाई का बेहतर उपयोग करें और खेतों में आग लगाने की परंपरा पर रोक लगे।
प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की जा रही है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय आधुनिक मशीनों की मदद से उनका प्रबंधन करें, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।

