खातेगांव TI हत्याकांड: शराब तस्करी में कांग्रेस कनेक्शन की जांच, राहुल जायसवाल का नाम आने से सियासत गरम
खातेगांव TI मौत मामले में शराब कारोबार का राजनीतिक कनेक्शन! राहुल जायसवाल का नाम आने से सियासत गरम
तीन संदिग्ध हिरासत में, टिमरनी की शराब दुकान की पार्टनरशिप जांच के दायरे में; कांग्रेस नेता का नाम आने पर भाजपा ने भी उठाए सवाल
देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में अवैध शराब तस्करी नेटवर्क की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब इस मामले में हरदा के शराब कारोबारी और कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। पुलिस शराब के स्रोत से लेकर परिवहन और कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
तीन संदिग्धों से पूछताछ, मैनेजर भी हिरासत में
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। इनमें टिमरनी स्थित रेडगांव वाइन शॉप के मैनेजर भूपेंद्र राणा का नाम भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ में शराब दुकान की पार्टनरशिप को लेकर जानकारी मिली है।
जांच में राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल की टिमरनी स्थित शराब दुकान में कथित साझेदारी की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में सामने आए दावों और आरोपों की आधिकारिक जांच अभी जारी है।
कांग्रेस नेता का नाम आने से राजनीतिक विवाद
राहुल जायसवाल का नाम सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और राहुल जायसवाल के संबंधों को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा नेताओं ने शराब कारोबार से जुड़े राजनीतिक संपर्कों की जांच की मांग उठाई है।
राहुल जायसवाल को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से खातेगांव विधानसभा का प्रभारी नियुक्त किए जाने की बात भी इस राजनीतिक विवाद के केंद्र में है।
DG उपेंद्र जैन के नेतृत्व में जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीजी उपेंद्र जैन जांच की कमान संभाल रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आयशर वाहन में शराब कहां से लोड की गई थी, उसे कहां पहुंचाया जाना था और परिवहन के पीछे किन लोगों की भूमिका थी।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
खातेगांव TI दिलीप पुरी की मौत के बाद अब जांच केवल वाहन चालक और उसके मालिक तक सीमित नहीं है। पुलिस पूरे कथित तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल राहुल जायसवाल का नाम सामने आने से मामला राजनीतिक चर्चा में है, लेकिन किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही तय होगी।
शराब का स्रोत क्या था? टिमरनी की शराब दुकान की इसमें कोई भूमिका थी या नहीं? कारोबार से जुड़े लोगों की क्या जिम्मेदारी थी? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

