सिंधिया परिवार डेली कॉलेज कनेक्शन
इंदौर के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में इतिहास के पन्ने फिर खुल गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पलटवार करते हुए कहा कि डेली कॉलेज सिंधिया परिवार की संस्था है और परिवार ने इसकी स्थापना में योगदान दिया है। वही सिंधिया परिवार ने प्रेस नोट जारी कर कॉलेज के निर्माण, आर्थिक सहयोग और ऐतिहासिक जुड़ाव से जुड़े कई तथ्यों को सार्वजानिक किया है!

*डेली कॉलेज के इतिहास पर सियासी संग्राम
*दिग्विजय के बयान के बाद सिंधिया परिवार के योगदान की चर्चा
*डेली कॉलेज में कितना योगदान ?
*सिंधिया परिवार ने पेश किया प्रमाण
*सिंधिया परिवार ने दिया 5 लाख का सहयोग
इंदौर का डेली कॉलेज… देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल यह कॉलेज एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। विवाद की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान से हुई, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने परिवार के ऐतिहासिक योगदान का हवाला देते हुए जवाब दिया। अब सिंधिया रिसर्च सेंटर के सौजन्य से जारी प्रेस नोट में कॉलेज की स्थापना और निर्माण से जुड़े ऐतिहासिक विवरण सामने रखे गए हैं। इसमें सिंधिया परिवार की भूमिका को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ संस्थान की परिकल्पना और विकास से भी जोड़ा गया है।
प्रेस नोट में वर्ष 1906 की एक सिविल इंजीनियरिंग रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए बताया गया है कि डेली कॉलेज के निर्माण के लिए सिंधिया परिवार ने पांच लाख रुपये का योगदान दिया था। वहीं, इंदौर के होलकर परिवार ने दो लाख रुपये और रीवा के राजपरिवार ने डेढ़ लाख रुपये दिए थे। जारी विवरण के मुताबिक, डेली कॉलेज का वर्तमान परिसर लगभग 118 एकड़ में फैला है और नए भवन का उद्घाटन वर्ष 1916 में हुआ था। प्रेस नोट में डेली कॉलेज की परिकल्पना को वर्ष 1870 के आसपास सर हेनरी डेली और ग्वालियर के महाराजा जयाजीराव सिंधिया के बीच हुई बातचीत से भी जोड़ा गया है।
दावा है कि मध्य भारत में शिक्षा के विकास के लिए प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित करने की दिशा में जयाजीराव सिंधिया ने रुचि दिखाई थी। कुल मिलाकर डेली कॉलेज के इतिहास को लेकर छिड़ी यह बहस अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर ऐतिहासिक तथ्यों और दस्तावेजों की चर्चा तक पहुंच गई है।

