करवाचौथ 2026 पर जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, भोपाल में चंद्रोदय का अनुमानित समय, व्रत की परंपराएं और सेहत से जुड़ी जरूरी बातें।
करवाचौथ 2026: आज शाम 5:44 से 7 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त, रात 8:31 बजे चंद्रोदय का अनुमान
मंडी हलचल | स्पेशल रिपोर्ट | 29 अक्टूबर 2026
करवाचौथ का पर्व आज गुरुवार, 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सुहागिन महिलाएं अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को पूजा, करवाचौथ की कथा और फिर चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है।

करवाचौथ को लेकर महिलाओं में पूजा की तैयारियों से लेकर चांद निकलने के समय तक उत्सुकता बनी हुई है। इस रिपोर्ट में जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, भोपाल में चंद्रोदय का अनुमानित समय, पर्व की परंपराएं और जरूरी बातें।
करवाचौथ 2026: पूजा और चंद्रोदय का समय
भोपाल के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार, करवाचौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:44 बजे से 7:00 बजे तक है। चंद्रमा निकलने का अनुमानित समय रात 8:31 बजे बताया गया है।
महत्वपूर्ण समय एक नजर में
- पर्व: करवाचौथ
- तारीख: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:44 से 7:00 बजे तक
- चंद्रोदय का अनुमानित समय: रात 8:31 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: रात लगभग 10:09 बजे
ये समय भोपाल के लिए हैं। दूसरे शहरों में चंद्रोदय और पंचांग के समय में अंतर हो सकता है। बादल, धुंध या इमारतों के कारण चांद दिखाई देने में भी देरी हो सकती है।
क्यों खास है करवाचौथ का पर्व?
करवाचौथ भारतीय परंपरा में वैवाहिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। परंपरागत रूप से महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं और शाम को पूजा-अर्चना करती हैं। कई परिवारों में करवाचौथ की कथा सुनने, पूजा की थाली सजाने और सामूहिक रूप से पूजा करने की परंपरा है।
चंद्र दर्शन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद परिवार की परंपरा के अनुसार व्रत का पारण किया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा-विधि में कुछ अंतर हो सकते हैं।
बाजारों में मेहंदी, चूड़ियों और पूजा सामग्री की मांग
करवाचौथ के मौके पर मेहंदी, चूड़ियां, पारंपरिक कपड़े, सजावटी करवे और पूजा की थालियां लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। कई महिलाएं इस अवसर पर पारंपरिक परिधान पहनती हैं और हाथों में मेहंदी लगाती हैं।
हालांकि, स्थानीय बाजारों में बिक्री या ग्राहकों की संख्या में कितनी बढ़ोतरी हुई है, इसका आकलन करने के लिए व्यापारियों से प्राप्त आंकड़ों की जरूरत होगी।
बदलते समय के साथ बदलती परंपराएं
आज कई परिवारों में करवाचौथ को साथ, विश्वास और आपसी सम्मान के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। पति-पत्नी एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए त्योहार की तैयारियों में हिस्सा लेते हैं। परिवार के लोग भी पूजा और उत्सव में शामिल होकर इस दिन को खास बनाते हैं।
इस पर्व का संदेश केवल परंपराओं को निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि रिश्तों में संवाद, विश्वास और एक-दूसरे की सेहत का ध्यान रखने से भी जुड़ा है।
व्रत के दौरान सेहत का रखें ध्यान
लंबे समय तक भोजन और पानी नहीं लेने से कुछ लोगों को कमजोरी, चक्कर या सिरदर्द हो सकता है। इसलिए अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है। यदि किसी को अस्वस्थ महसूस हो, तो स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। व्रत रखना व्यक्तिगत आस्था का विषय है और इसके लिए किसी पर दबाव नहीं होना चाहिए।
करवाचौथ पर मंडी हलचल की ओर से शुभकामनाएं
करवाचौथ का त्योहार परिवारों में प्रेम, विश्वास और खुशियों का संदेश लेकर आता है। चांद के दीदार के साथ इस पर्व की प्रतीक्षा पूरी होती है और परिवारों में उत्सव का माहौल बनता है।
मंडी हलचल की ओर से सभी पाठकों को करवाचौथ की हार्दिक शुभकामनाएं।

