मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में VC आयोजित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में वीसी आयोजित
त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था, जनस्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं आगामी आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान, स्वामित्व योजना, अल्प वर्षा वाले जिलों की स्थिति तथा त्योहारों के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटाखों में उपयोग होने वाली कार्बाइड गन के उपयोग तथा क्रय- विक्रय को रोकने के संबंध में सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गनों में उपयोग होने वाली एसिटिलीन गैस से गंभीर विस्फोट होने की आशंका रहती है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
बैठक में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के क्रियान्वयन एवं स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही अल्प वर्षा की स्थिति वाले जिलों में उत्पन्न परिस्थितियों एवं उनसे संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। आगामी त्योहारों एवं मेलों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों एवं आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।

बैठक में खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी की रोकथाम के संबंध में की जा रही कार्यवाही की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त मौसम परिवर्तन के कारण होने वाली बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म जयंती तथा 01 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की।

बैठक में गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के माध्यम से दुग्ध उत्पादन एवं गोपालन को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की गई। योजना का उद्देश्य वर्तमान दुग्ध उत्पादन वृद्धि दर को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना तथा प्रदेश में दुग्ध संकलन को 10 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करना है। इसके साथ ही भारतीय उन्नत नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की पूर्ति में सहयोग पर जोर दिया गया। योजना के अंतर्गत प्रत्येक वृंदावन ग्राम में श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक गायों का पालन करने वाले पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गायों के पालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

