वर्ष का पहला चन्द्रग्रहण 31 को राशियों पर क्या होगा प्रभाव

धर्म डेस्क। साल का पहला चंद्रग्रहण 31 जनवरी को लगने वाला है। माघी पूर्णिमा के दिन लगने जा रहे इस ग्रहण का प्रारंभ शाम 5 बजकर 18 मिनट से होगा। ग्रहण का मध्य 7 बजे और मोक्ष रात 8 बजकर 14 मिनट पर होगा।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह चंद्र ग्रहण समस्त भारत के साथ आस्ट्रेलिया, एशिया, उत्तर पूर्वी यूरोप, पूवरेत्तर अफ्रीकी देशों, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका के उत्तर पूर्वी भाग, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका एवं आर्कटिक में दिखाई देगा। यह खग्रास चंद्र ग्रहण पूरे भारत में दिखेगा।

धर्मशास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक स्पर्श काल से नौ घंटे पूर्व ही लग जाता है। ग्रहण के सूतक काल में मूर्ति पूजन वर्जित है। ग्रहण काल में भोजन, शयन, यात्ररंभ, नव कार्यारंभ एवं मल मूत्र उत्सर्जन भी शास्त्र के अनुसार वर्जित है।

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ग्रहण की समाप्ति पर करें स्नान-

ग्रहण की समाप्ति के उपरांत स्नान दान आदि धर्मकार्य करना चाहिए। यदि पवित्र नदी में स्नान संभव न हो तो पवित्र नदियों के स्मरण के साथ स्नान करने से भी विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

पुष्य, आश्लेषा नक्षत्र व कर्क राशि के जातकों पर विशेष प्रभाव-

पंडितों ने बताया कि इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श पुष्य नक्षत्र में तथा मोक्ष आश्लेषा नक्षत्र में होगा। अत: पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र व कर्क राशि के जातकों पर ग्रहण का विशेष प्रभाव मिलेगा। उपरोक्त नक्षत्र व राशि वालों को ग्रहण दर्शन से परहेज करना श्रेयस्कर रहेगा।

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ग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रहेगा।

इसका रखें खास ख्याल-

-ग्रहण काल में चंद्र दर्शन से परहेज करें।

-यथासंभव घर के अंदर ही रहें।

-ग्रहण काल में शयन न करें।

-भगवान का ध्यान भजन व मंत्र जप करें।

-चाकू या हंसिया के प्रयोग से परहेज करें।

-क्रोध व व्यर्थ की चिंता से बचें। प्रसन्न रहें।

जानें, क्या प्रभाव पड़ेगा आपकी राशि पर-

-मेष : सामान्यत: प्रतिकूल, असंतोषप्रद।

-वृष : लाभकारी व सफलताप्रद।

-मिथुन : सम्मान को ठेस, अशांतिप्रद।

-कर्क : कष्टप्रद, धन हानि, क्षतिप्रद।

-सिंह : सामान्यत: कष्टकारक, व्ययप्रद रहेगा।

-कन्या : धनलाभ, सुख साधनों का विकास होगा।

-तुला : सुखोन्नति, लाभकारी।

-वृश्चिक : असंतोषप्रद, सम्मान में कमी महासूस होगी।

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-धनु : प्रतिकूलताप्रद, कष्टप्रद, अशांतिप्रद रहेगा।

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-मकर : परिजन को कष्ट, सुख में बाधा महसूस होगी।

-कुम्भ : उत्तम फलप्रद, प्रिय से खुशी।

-मीन : बाधाकारक, चिंताप्रद।

यह ग्रहण कुल 3 घंटा 23 मिनट रहेगा।

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