इंदौर में महापौर का फूटा गुस्सा! अफसरों को लगाई फटकार, बोले- काम आप नहीं करते, बदनामी सरकार की होती है
इंदौर में अफसरों पर भड़के महापौर पुष्यमित्र भार्गव! बोले- आप काम नहीं करते, बदनामी सरकार की होती है
इंदौर। शहर में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और सरकारी फाइलों में हो रही देरी को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव का गुस्सा अधिकारियों पर फूट पड़ा। गुरुवार सुबह सुदामा नगर के सेक्टर-डी में औचक निरीक्षण के दौरान महापौर ने नगर निगम के अफसरों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि अधिकारी काम नहीं करते और बदनामी सरकार की होती है।

टेंडर हो गया, फिर वर्कऑर्डर क्यों अटका?
निरीक्षण के दौरान ड्रेनेज लाइन के काम में ठेकेदार की लापरवाही की शिकायत सामने आई। वहीं, ए सेक्टर स्थित बगीचे की बाउंड्रीवॉल का टेंडर जारी होने के बावजूद वर्कऑर्डर की प्रक्रिया लंबित मिलने पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मौके से ही संबंधित अधिकारियों और अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव को तलब कर लिया। महापौर ने सवाल किया कि जब काम कराना ही नहीं था, तो प्रस्ताव क्यों तैयार किया गया? टेंडर जारी होने के बाद वर्कऑर्डर की प्रक्रिया अब तक पूरी क्यों नहीं हुई?
‘कागजी खेल से सरकार की छवि खराब हो रही’
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए महापौर ने कहा कि अधिकारी काम नहीं करते, लेकिन इसका असर सरकार की छवि पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कागजों में प्रक्रिया चलती रहती है और दूसरी तरफ जनता को विकास कार्यों का इंतजार करना पड़ता है।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद जीतू राठौर भी मौजूद रहे।
लंबित फाइलों की सूची बनाने के निर्देश
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम में ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार की जाए, जिनकी फाइलें बिना उचित कारण लंबे समय से लंबित हैं। इनकी जांच कर रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त के सामने प्रस्तुत की जाए।
इसके बाद रिपोर्ट मेयर-इन-काउंसिल (MIC) में रखी जाएगी, ताकि विकास कार्यों में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके।
अब देखना होगा कि महापौर के इस सख्त रुख के बाद लंबित विकास कार्यों को कितनी तेजी से गति मिलती है और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

