मंत्रियों की लगेगी क्लास! CM मोहन यादव लेंगे 3 साल का रिपोर्ट कार्ड, जिलों के दौरे का भी देना होगा हिसाब
मंत्रियों की लगेगी क्लास! CM मोहन यादव लेंगे तीन साल का रिपोर्ट कार्ड, जिलों में दौरे और रात्रि विश्राम का भी देना होगा हिसाब
भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे होने से पहले मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों और अब तक किए गए कार्यों का पूरा लेखा-जोखा मांग सकते हैं। इस दौरान केवल विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी ही नहीं, बल्कि प्रभार वाले जिलों में मंत्रियों की सक्रियता का ब्योरा भी अहम रहेगा।

विभागीय उपलब्धियों से लेकर जिलों में सक्रियता तक होगी समीक्षा
जानकारी के मुताबिक, सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की तीन साल की प्रगति रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित विभागों ने इस अवधि में कौन-कौन से महत्वपूर्ण काम किए, सरकारी योजनाओं की प्रगति कैसी रही और जनता को उनका कितना लाभ मिला।
इसके साथ ही मंत्रियों से उनके प्रभार वाले जिलों में किए गए दौरों का हिसाब भी मांगा जा सकता है। उनसे यह जानकारी ली जाएगी कि उन्होंने कितनी बार अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा किया और कितनी बार वहां रात्रि विश्राम किया।
सिर्फ बैठकों से नहीं चलेगा काम, जमीनी सक्रियता पर भी नजर
प्रभार वाले जिलों में मंत्रियों की नियमित मौजूदगी और रात्रि विश्राम का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है। ऐसे में इस बार की समीक्षा में यह पहलू महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका उद्देश्य यह जानना होगा कि मंत्री अपने जिम्मेदारी वाले जिलों में कितने सक्रिय रहे और स्थानीय स्तर पर सरकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की स्थिति क्या है।
तीन साल की उपलब्धियां जनता के सामने रखेगी सरकार
मोहन सरकार अपने तीन साल पूरे होने के अवसर पर विकास कार्यों और सरकारी उपलब्धियों को जनता के सामने प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही आगामी दो वर्षों के लिए विकास का रोडमैप भी सामने रखा जा सकता है।
दूसरी ओर, विपक्ष भी सरकार के विकास संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए जमीनी स्तर पर उनकी पड़ताल कर सकता है। ऐसे में कार्यकाल के तीन साल पूरे होने से पहले मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड और विभागवार समीक्षा मध्यप्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन सकती है।
मंडी हलचल की नजर: अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री की समीक्षा में किन विभागों का प्रदर्शन बेहतर सामने आता है और किन मंत्रियों को अपने कामकाज में सुधार के निर्देश मिलते हैं।

