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मध्य प्रदेश में नए कोचिंग नियम लागू। स्कूल टाइम में कक्षाओं पर रोक, रोजाना 5 घंटे की सीमा

मध्य प्रदेश में कोचिंग क्लास पर नया नियम: स्कूल टाइम में नहीं चलेंगी कक्षाएं, रोजाना 5 घंटे की सीमा

भोपाल | 28 अक्टूबर 2026 | मंडी हलचल

मध्य प्रदेश में कोचिंग संस्थानों को लेकर राज्य सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। मध्य प्रदेश कोचिंग सेंटर्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2026 के तहत कोचिंग संस्थानों के संचालन, पंजीयन, पढ़ाई के समय और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए नए प्रावधान किए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य विद्यार्थियों पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव कम करना और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय करना है।

रोजाना सिर्फ 5 घंटे पढ़ाई की अनुमति

नए नियमों के अनुसार, कोचिंग संस्थान एक दिन में पांच घंटे से अधिक कक्षाएं नहीं चला सकेंगे। इसके साथ ही स्कूल के नियमित समय के दौरान कोचिंग कक्षाएं संचालित करने पर भी रोक लगाई गई है। इससे स्कूल और कोचिंग के बीच विद्यार्थियों के समय का संतुलन बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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कोचिंग संस्थानों का पंजीयन अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत कोचिंग संस्थानों को संबंधित प्राधिकरण के पास पंजीयन कराना होगा। मौजूदा संस्थानों को नियमों के राजपत्र में प्रकाशित होने के 90 दिनों के भीतर पंजीयन के लिए आवेदन करना होगा। पंजीयन तीन साल के लिए वैध रहेगा और उसके बाद नवीनीकरण कराना होगा।

एक ही संस्थान की अलग-अलग शाखाओं के लिए अलग पंजीयन की व्यवस्था भी की गई है।

फीस और शिक्षकों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी

कोचिंग संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर फीस, रिफंड पॉलिसी, पाठ्यक्रम, शिक्षकों की योग्यता, पढ़ाई की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। संस्थानों को विद्यार्थियों के परिणामों और कुल नामांकन से संबंधित जानकारी भी प्रकाशित करनी होगी, ताकि अभिभावक सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।

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विद्यार्थियों की सुरक्षा और काउंसलिंग पर जोर

नए नियमों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को भी महत्व दिया गया है। कोचिंग संस्थानों में आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं, प्राथमिक उपचार, साफ-सफाई और शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रावधान हैं। विद्यार्थियों को काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।

शिक्षकों की योग्यता भी तय

नियमों के तहत ट्यूटर्स के लिए न्यूनतम स्नातक डिग्री की योग्यता निर्धारित की गई है। संस्थानों को शिक्षकों की योग्यता और अन्य आवश्यक विवरण सार्वजनिक करने होंगे।

विद्यार्थियों और अभिभावकों पर क्या होगा असर?

इन नियमों से विद्यार्थियों को स्कूल और कोचिंग के बीच समय का बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है। वहीं, अभिभावकों को फीस, शिक्षकों की योग्यता और संस्थान की सुविधाओं के बारे में अधिक पारदर्शी जानकारी मिल सकेगी।

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मंडी हलचल की नजर: नए नियमों के लागू होने के बाद इनके पालन और संबंधित विभागों की निगरानी पर नजर रहेगी। विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपने संस्थान से जुड़े नियमों की जानकारी आधिकारिक अधिसूचना से भी जांचनी चाहिए।