ISRO Big News: 2029 तक 4 लॉन्च पैड तैयार करने की योजना, तमिलनाडु में बनेगा 2,000 एकड़ का स्पेस कॉम्प्लेक
ISRO Big News: 2029 तक भारत में 4 लॉन्च पैड होंगे चालू, तमिलनाडु में बनेगा 2,000 एकड़ का स्पेस कॉम्प्लेक्स
चेन्नई। भारत अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा है कि वर्ष 2029 तक देश में चार कार्यात्मक लॉन्च पैड उपलब्ध कराने की योजना है। इस विस्तार का उद्देश्य दुनिया में बढ़ती सैटेलाइट लॉन्चिंग की मांग को पूरा करना और भारत की अंतरिक्ष सेवाओं की क्षमता बढ़ाना है।

25 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, ISRO की योजना में तमिलनाडु के कुलशेखरपट्टिनम में 2,000 एकड़ में समर्पित स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV) कॉम्प्लेक्स विकसित करना भी शामिल है।
तमिलनाडु में विकसित होगा नया SSLV कॉम्प्लेक्स
तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में स्थित कुलशेखरपट्टिनम को छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए विकसित किया जा रहा है। इस सुविधा का उद्देश्य SSLV के जरिए छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता बढ़ाना है।
ISRO के अनुसार, इस लॉन्च कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य मार्च 2025 में शुरू हुआ था। यहां आवश्यक तकनीकी सुविधाएं और लॉन्च से जुड़ी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।
निजी कंपनियों को भी मिलेगा अवसर
ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और स्टार्टअप की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया है। बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए उद्योग जगत के साथ सहयोग, तकनीकी विशेषज्ञता का हस्तांतरण और नई क्षमताओं का विकास महत्वपूर्ण होगा।
इससे भारत के अंतरिक्ष उद्योग को विस्तार देने और उच्च तकनीक वाले रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए क्यों अहम है यह योजना?
लॉन्च सुविधाओं का विस्तार होने से भारत को अलग-अलग अंतरिक्ष अभियानों और व्यावसायिक उपग्रह प्रक्षेपणों के लिए अधिक क्षमता मिल सकती है। छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण पर विशेष ध्यान देने से वैश्विक लॉन्च सेवा बाजार में भारत की भूमिका मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
हालांकि, 2029 तक चार कार्यात्मक लॉन्च पैड उपलब्ध कराने की बात ISRO अध्यक्ष की बताई गई योजना है। इसे सभी सुविधाओं के निर्माण और संचालन के पूरा हो जाने की वर्तमान स्थिति नहीं समझना चाहिए।
स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI), ISRO की आधिकारिक वेबसाइट।
मंडी हलचल | देश-दुनिया की ताजा खबरें

