मध्यप्रदेश में ₹63,296 करोड़ की लागत से बनेंगे 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 1,398 किमी का होगा नया सड़क नेटवर्क
भोपाल। मध्यप्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए पांच नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इन परियोजनाओं पर करीब 63,296 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पांचों कॉरिडोर की कुल लंबाई 1,398 किलोमीटर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की 49वीं बैठक में इन परियोजनाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पांच फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इनका उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है।
ये होंगे पांच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
- भोपाल-मंदसौर – 258 किलोमीटर
- सागर-सतना – 227 किलोमीटर
- जबलपुर-आशापुर – 358 किलोमीटर
- भोपाल-ग्वालियर – 320 किलोमीटर
- कटनी-सिंगरौली – 235 किलोमीटर
तीन कॉरिडोर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार
परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति के अनुसार भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना और जबलपुर-आशापुर कॉरिडोर के लिए डीपीआर कंसल्टेंट द्वारा फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इन मार्गों के अलग-अलग अलाइनमेंट विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
वहीं, भोपाल-ग्वालियर और कटनी-सिंगरौली कॉरिडोर के लिए डीपीआर कंसल्टेंट के चयन की निविदा प्रक्रिया जारी है।
संचालक मंडल ने पांचों कॉरिडोर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने और व्यवहार्य पाए जाने पर उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने की अनुमति मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को दी है।
सीएम ने दिए सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं का काम तेज करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई भी गांव, कस्बा या शहर बेहतर सड़क संपर्क से वंचित नहीं रहना चाहिए।
इन कॉरिडोर के विकसित होने से प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच आवागमन और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नोट: फिलहाल ये परियोजनाएं तैयारी और व्यवहार्यता परीक्षण के चरण में हैं। इनके निर्माण की अंतिम प्रक्रिया आगे की रिपोर्ट और डीपीआर पर निर्भर करेगी।
