INDvSA: दक्षिण अफ्रीका गहरे संकट में, लगा छठा झटका

केपटाउन। द. अफ्रीका की हालत शुक्रवार को भारत के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में उस वक्त खराब हो गई जब क्विंटन डी कॉक के रूप में उसका छठा विकेट गिरा। द. अफ्रीका ने समाचार लिखे जाने तक पहले दिन पहली पारी में 46 ओवरों में 6 विकेट पर 204 रन बना लिए हैं। वर्नोन फिलेंडर 24 और केशव महाराज बगैर खाता खोले क्रीज पर हैं।
फॉफ डु प्ल‍ेसिस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया, जिसे भुवी ने शुरुआती झटकों से गलत साबित किया। भुवी ने डीन एल्गर को मैच की तीसरी ही गेंद पर विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के हाथों झिलवाया। अभी मेजबान टीम इस सदमे से उबरी भी नहीं थी कि भुवी ने अपने अगले ओवर में ऐडन मार्करैम (5) को एलबीडब्ल्यू किया। दक्षिण अफ्रीका उस वक्त मुसीबत में आ गया जब भुवी ने इसके बाद उसके प्रमुख बल्लेबाज हाशिम अमला (3) को भी विकेटकीपर साहा के हाथों झिलवाया।
द. अफ्रीका 12 रनों पर 3 विकेट गंवा चुका था। इसके बाद एबी डीविलियर्स और कप्तान फॉफ डु प्लेसिस पारी को संभालने में जुट गए। जसप्रीत बुमराह की गेंद को डीविलियर्स स्टंप्स पर खेल बैठे। यह बुमराह का पहला टेस्ट विकेट है। उन्होंने 84 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 65 रन बनाए। उन्होंने फॉफ डु प्लेसिस के साथ चौथे विकेट के लिए 126 रनों की साझेदारी की। इसके बाद प्लेसिस भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक पाए। वे 62 रन बनाकर पांड्‍या की गेंद पर विकेटकीपर साहा को कैच थमा बैठे।

डी कॉक 43 रन बनाकर भुवी के शिकार बने, उन्होंने विकेटकीपर साहा को कैच थमाया। यह भुवी का पारी में चौथा शिकार था।

टीम इंडिया इस मैच में तीन तेज गेंदबाजों, एक ऑलराउंडर हार्दिक पांड्‍या और एक स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के साथ मैदान में उतर रही है। टीम ने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को डेब्यू का मौका दिया। टीम इंडिया ने दो तेज गेंदबाजों ईशांत शर्मा और उमेश यादव को मौका नहीं दिया। द. अफ्रीका चार तेज गेंदबाजों (कगिसो रबाडा, वर्नोन फिलेंडर, मोर्ने मॉर्केल और डेल स्टेन) तथा एक स्पिनर (केशव महाराज) के साथ मैदान में उतरा।

विराट का सबसे बड़ा टेस्ट : 2015 के आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद टेस्ट कप्तान बने विराट का हनीमून पीरियड कुछ लंबा चला। उन्होंने इस दौरे में ही दो टेस्ट में कप्तानी की और दोनों में विजय नहीं मिली। इसके बाद की 10 टेस्ट सीरीज उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप या वेस्टइंडीज में उसकी बेहद कमजोर टीम के खिलाफ खेली, जिसमें नौ में उसे जीत मिली। दो साल के लंबे अंतराल के बाद उनकी कप्तानी में टीम इंडिया पहली बार दक्षिण अफ्रीका जैसी टीम के खिलाफ उसी की सरजमीं पर टेस्ट सीरीज खेलने के लिए आई है।
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भारत ने दक्षिण अफ्रीका में दो टेस्ट मैच जीते हैं। एक 2006-07 में राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में, तो दूसरा 2010-11 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में। भारत को अगले डेढ़ साल में करीब 12 टेस्ट विदेशी सरजमीं पर खेलने हैं। दक्षिण अफ्रीका के बाद उसे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के कठिन दौरों पर भी जाना है। यह उनके कप्तानी करियर का सबसे बड़ा टेस्ट है, क्योंकि अगर वह यहां जीत गए तो उनके किंग होने पर मुहर लग जाएगी, लेकिन यहां की हार उन्हें घर के शेर तक ही सीमित कर देगी।

टीमें – भारत: मुरली विजय, शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा ,हार्दिक पांड्‍या, रिद्धिमान साहा, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी।

दक्षिण अफ्रीका : डीन एल्गर, ऐडन मार्करैम, हाशिम अमला, फॉफ डु प्ल‍ेसिस (कप्तान), एबी डी‍विलियर्स, क्विंटन डी कॉक, वर्नोन फिलेंडर, कगिसो रबाडा, मोर्ने मॉर्केल, डेल स्टेन, केशव महाराज।