तो क्या कांग्रेस से बगावत के मूड में महाराज ?

भोपाल। कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, ऐसे में दबी जुबान से चर्चा है कि कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया अब कांग्रेस से जल्द किनारा कर सकते हैं। वैसे इन खबरों को इसलिए भी बल मिलता है क्योंकि पिछले कुछ रोज में सिंधिया के हाव भाव भी काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने न सिर्फ प्रदेश की सरकार पर हमला बोला वरन धारा 370 हटाने का सार्वजिनक समर्थन भी किया। लिहाजा

मध्य प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में खबर आ रही है कि उन्होंने कांग्रेस से किनारा करने का पूरा मूड बना लिया है। दिल्ली की मीडिया में खबरें चल रही हैं कि संजय निरुपम और ज्योतिरादित्य सिंधिया अब कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले 1 सप्ताह से मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं और इस दौरान उन्होंने कांग्रेसी व मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ कुछ बयान भी दिए हैं। इसके अलावा अपनी बुआ भाजपा नेता यशोधरा राजे सिंधिया एवं वसुंधरा राजे सिंधिया जिस अंदाज में उन्होंने पिछले दिनों मुलाकात की, उससे कयासों को बल मिलता है। कांग्रेस में इन दिनों राहुल गांधी के नजदीकी नेताओं को किनारे करने का अभियान चल रहा है और ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पड़ गए हैं।

गौर करने वाली कुछ बातें

1 हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी को आत्मचिंतन की नसीहत दी है। दरअसल, राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा को लेकर सलमान खुर्शीद का अजीबो-गरीब बयान आया जिसपर अपनी राय देते हुए सिंधिया ने कांग्रेस को ये सुझाव दिया था।

2 कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए सिंधिया ने उनकी कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। और किसानों की कर्जमाफी की सच्चाई के सबूत पेश कर दिए। उन्होंने अपनी ही सरकार को नाकाम बता दिया।

3 अब अपनी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया और वसुंधरा राजे से सिंधिया की गर्मजोशी भरी मुलाकात ने सियासी माहौल में गर्माहट ला दी है। दरअसल, मौका था ग्वालियर में विजया राजे सिंधिया की 100वीं जयंती का, जिसमें अरसे बाद राजघराने के ये सदस्य एकसाथ नजर आए। इतना ही नहीं, ज्योतिरादित्य ने बुआ यशोधरा राजे को गले लगाकर अपनी खुशी भी जाहिर की।सिंधिया परिवार की इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि सिंधिया जल्द ही कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा से नाता जोड़ सकते हैं।

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